हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू) में 5 और 6 जनवरी को 49वां कुलपति सम्मेलन का आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन में देश के कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपति शामिल होंगे। भारतीय कृषि विश्वविद्यालय एसोसिएशन (आईएयूए) के सहयोग से आयोजित सम्मेलन का विषय ''खेत से भविष्य तक: कृषि में नए आयामों की खोज '' है। ‘विकसित भारत 2047: कृषि संस्थानों की भूमिका और योगदान’ व ‘सतत कृषि भविष्य के लिए परंपरा और प्रौद्योगिकी का सामंजस्य’ पर भी चर्चा होगी।
कुलपति प्रो. बलदेव राज कांबोज ने बताया कि इस दौरान कृषि, बागवानी, पशुपालन और मछली पालन क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न मुद्दों, खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और किसानों के कल्याण के लिए विभिन्न विषयों पर चर्चा होगी। इसका उद्देश्य विकसित भारत-2047 और उससे आगे के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार करना है। इस सम्मेलन में कुलपतियों और अधिकारियों के बीच सार्थक चर्चा से सतत आधार पर खाद्य व पोषण सुरक्षा और किसानों के कल्याण को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। आईएयूए की स्थापना 10 नवंबर 1967 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों और राज्यों में कृषि अनुसंधान, शिक्षा और प्रसार को बढ़ावा देना व देश में ग्रामीण विकास को प्रोत्साहित करना है।
मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. रमेश यादव ने बताया कि एचएयू में इस सम्मेलन का आयोजन बड़ी उपलब्धि है। हाल ही में विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (नैब), आईसीएआर, नई दिल्ली की ओर से ए+ मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय का दर्जा मिला है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ 655 एमओयू/सहमति पत्र भी किए गए हैं।