हिसार। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा की हिसार इकाई ने शनिवार को भी हड़ताल को तीन दिन के लिए बढ़ा दिया है। लगातार दूसरे दिन भी कचरा लोगों के घरों में डस्टबिन में सड़ता रहा। सड़कों पर झाड़ू नहीं लगाए जाने के चलते कई स्थानों पर कचरे के ढेर नजर आए। दो दिन में नगर निगम क्षेत्र में करीब 420 टन कचरा नहीं उठाया गया। नगर निगम के कर्मचारियों ने निगम कार्यालय के गेट पर धरना दिया। कर्मचारियों का साथ देने के लिए किसाान संगठन तथा फायर ब्रिगेड कर्मचारी यूनियन भी पहुंची।
सफाई कर्मचारी यूनियन की हड़ताल के चलते शनिवार को लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। निगम के करीब 750 सफाईकर्मियों सहित 1100 कर्मचारी हड़ताल पर रहे। दूसरे दिन भी फील्ड, डोर टू डोर व आफिस का कार्य बंद रखा। शहर में कहीं भी सफाई का कार्य नहीं हुआ।
नगर पालिका कर्मचारी संघ की हिसार इकाई प्रधान सुरेंद्र उर्फ गोलू ने कहा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, डोर टू डोर व ठेका के कर्मचारियों को न्यूनतम वेतन 30000 रुपये, फायर ब्रिगेड के शहीद साथियों को उचित मुआवजा व एक परिवार के सदस्य को स्थायी नौकरी देना सहित अन्य मांग हैं। सरकार लंबे समय से इन मांगों की अनदेखी कर रही है।
इस मौके पर जिला प्रधान सनी सारसर, रिटायर्ड कर्मचारी संघ से अशोक बोहत, किसान नेता सुरेंद्र मान, फायर ब्रिगेड के हिसार जिला के प्रधान राजेश महला, इकाई सचिव अनिल डोली, वरिष्ठ उप प्रधान धर्मपाल, कोषाध्यक्ष राजेंद्र, मनदीप, संदीप, सोमबीर,बक्शीश, विजेंद्र सहित अन्य संबोधित किया।
कर्मचारियोंं के साथ किया जा रहा है भेदभाव
सफाईकर्मियों का साथ देने पहुंचे फायर ब्रिगेड कर्मचारी यूनियन के प्रधान राजेश महला ने कहा कि कर्मचारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी पिछले 25 दिन से हड़ताल पर होने के बाद भी हमारी मांग नहीं मानी जा रही। सरकार फूट डालो राज करो की नीति चला रही है।