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खाना खाने पर सस्पेंड किए चालक परिचालक दोपहर को ही बहाल किए

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
हिसार से जयपुर के लिए निकली रोडवेज बस को राजस्थान के गोठड़ा गांव के पास एक होटल पर बस रोकने पर चालक-परिचालक को जीएम ने निलंबित कर दिया था। निलंबन की जानकारी मिलते ही कर्मचारियों ने शुक्रवार 12 बजे तक निलंबन वापस न लेेने पर चक्का जाम की चेतावनी दे दी थी। यूनियनों के दबाव में आकर एसडीएम परमजीत सिंह की मौजूदगी में दोनों कर्मियों का निलंबन वापस ले लिया गया। इसके बाद यूनियनों ने चक्का जाम को टाल दिया।
हिसार से रात्रि 9.15 बजे जयपुर के लिए जाने वाली बस के चालक-परिचालक ने बुधवार रात गोठड़ा गांव के पास एक होटल पर करीब 40 मिनट तक बस रोकी थी। इस पर काफी यात्रियों को परेशानी हुई थी। टीएम जितेंद्र यादव ने शिकायत पर जांच करने के बाद चालक चंद्रप्रकाश और परिचालक नरेश कुमार को सस्पेंड कर दिया। टीएम ने कहा दोनों ने सरकारी आदेशों की अवहेलना करके बस रोकी थी। रोडवेज चालक-परिचालक के निलंबन की सूचना पर कर्मचारियों ने शुक्रवार सुबह गेट मीटिंग करके जीएम कार्यालय के समक्ष धरना शुरू कर दिया। यूनियन ने अल्टीमेटम दिया कि 12 बजे तक निलंबन के आदेश रद्द नहीं हुए तो डिपो का चक्का जाम कर दिया जाएगा।
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चक्का जाम की चेतावनी के बाद एसडीएम परमजीत चहल मौके पर पहुंचे। रोडवेज अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद यूनियनों के साथ बातचीत की। एसडीएम ने आरटीए कार्यालय से आए अधिकारियों से कहा कि यूनियनों की मांग जायज है। निजी निजी बसों को बंद किया जाना चाहिए। बस अड्डे के बाहर से सवारियां उठाने वाली निजी बसों पर भी कार्रवाई करें। शाम 6 से रात्रि 9 बजे तक किसी की ड्यूटी लगाई जाए।
दोपहर को ही वापस लिए आदेश
एसडीएम की मध्यस्थता से मामला सुलझ गया। बैठक में रोडवेज जीएम ने निलंबित किए गए चालक-परिचालक के निलंबन के आदेश वापस ले लिए। इसके बाद कर्मचारियों ने अपना चक्का जाम का एलान खत्म कर दिया।
मीटिंग में जीएम केएम कौशल, टीएम जितेंद्र यादव, आरटीए कार्यालय से सहायक चरणजीत सिंह, राजकुमार माटा शामिल हुए। यूनियन की ओर से दलबीर किरमारा, रमेश सैनी, कुलदीप पाबड़ा, अरुण शर्मा, राजपाल नैन, सत्यपाल डाबला, बहादुर संडवा, धर्मपाल बूरा शामिल हुए।
बस सेवा बंद करने की साजिश
यूनियन नेता दलबीर किरमारा, रमेश सैनी, कुलदीप पाबड़ा, अरुण शर्मा ने कहा कि कभी चालक-परिचालक को सस्पेंड तो कभी बस की बुकिंग कम दिखाकर अधिकारी इस बस सेवा को ही बंद करना चाहते हैं। आरोप है कि एक निजी बस के संचालक से मिलीभगत के चलते यह हो रहा है।
कहां खाना खाएं, बता दो
राजपाल नैन, सत्यपाल डाबला, बहादुर संडवा, धर्मपाल बूरा ने कहा निजी बस संचालकों के दबाव में रोडवेज अधिकारी लंबी दूरी की सेवाओं को किसी तरह बंद करना चाहते हैं। हिसार से चलकर लंबी दूरी पर जाने वाले चालक-परिचालक कहीं तो खाना खाएंगे। खाना कहां पर खाना है, ये अधिकारी आदेश कर दें, वही आदेश कर्मचारी मानने को तैयार हैं।
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एक घंटा चलते ही क्यों लगती है भूख
जीएम खूबीराम कौशल ने कहा कि हिसार बस अड्डे पर करीब पौना घंटा बस रुकती है। चालक-परिचालक यहां से खाना खाकर जाएं। यहां से एक घंटा चलते ही चालक-परिचालक को भूख क्यों लग जाती है। रोडवेज को जान बूझकर घाटे में ले जाया जा रहा है। कुछ लोग इस बस सेवा को बंद करना चाहते हैं। नियमों के अनुसार गाड़ी रोकी जाए। बिना वजह सवारियों को परेशान करना पूरी तरह गलत है। डिपो को फायदा में पहुंचाना मेरी जिम्मेदारी है।
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