अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने चंडीगढ़ रोड के एक गांव की 14 साल की किशोरी से दुष्कर्म करने पर अधेड़ व्यक्ति को 14 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर उसे दो महीने की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने उसे 18 जुलाई को दोषी करार दिया था। वह दुष्कर्म, पॉक्सो और एससी एक्ट का दोषी पाया गया है।
बरवाला थाना पुलिस ने एक किशोरी की शिकायत पर 2 सितंबर 2015 को केस दर्ज किया था। किशोरी ने बयान दर्ज कराए थे कि दो दिन पहले सुबह साढे़ नौ बजे पड़ोस के एक व्यक्ति की पत्नी उनके घर आई थी। वह उसकी मां को कपास चुगने के लिए साथ ले गई। उसकी मां जाते हुए कह गई थी कि मेरी रोटी खेत में पहुंचा देना। वह बाद में साढे़ 10 बजे खाना बनाकर मां को टिफिन देने के लिए चल पड़ी। उसे यह नहीं पता था कि उसकी मां किस खेत में गई है। वह आरोपी के घर के आगे से जाने लगी तो वह छत पर खड़ा था। उसने उससे पूछा कि चाचा मेरी मां किस खेत में गई है तो उसने उसे जान-बूझकर दूसरा खेत बता दिया। वह कुछ देर बाद वहां पहुंची तो वही आदमी उस खेत में पहुंचकर कपास की फसल में छुपा मिला। उसने उसे दबोच लिया और उसके साथ दुराचार किया। वह बात किसी को बताने पर आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी। वह छूटकर किसी तरह घर पहुंची। उसे बुखार हो गया। घटना के तीसरे दिन उसकी चाची आई तो वह रोने लगी। तब चाची ने प्यार से पूछा तो उसने आपबीती बताई। बरवाला थाना पुलिस ने नामजद के खिलाफ दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी देने और पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया था।
दो साल पहले किशोरी को गुमराह कर दिया था वारदात को अंजाम