अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
जिले के आठ ब्लॉकों के 91 गांवों के सरपंचों ने पंचायती राज संस्थाओं के पांच लाख रुपये से ज्यादा के विकास कार्यों पर ई-टेंडरिंग की शर्त को हटवाने के लिए लघु सचिवालय के बाहर धरना दिया। सरपंचों ने नारेबाजी कर अपना विरोध जताया। सरपंचों ने फैसला लिया कि उनकी मांग नहीं मानी गई तो सामूहिक इस्तीफा देने का फैसला लेंगे।
नारनौंद खंड को छोड़कर जिले के सभी अन्य आठ ब्लॉकों के करीब 91 गांव के सरपंच वीरवार को क्रांतिमान पार्क में एकत्रित हुए। यहां विरोध की रणनीति के अनुसार लघु सचिवालय परिसर पहुंचे। सरपंचों ने तहसीलदार को अपना मांगपत्र सौंपने से इनकार कर दिया। सरपंचों ने कहा कि डीसी या एडीसी को ही अपना पत्र देंगे। बाद में एडीसी अमरजीत सिंह मान ने मौके पर पहुंचकर सरपंचों का मांगपत्र लिया। सरपंचों की अध्यक्षता कर रहे अग्रोहा के सरपंच बलबीर भांभू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो पंचायती राज संस्थाओं में पांच लाख से अधिक के सभी कार्य ई-टेंडर के जरियेे करवाने की शर्तें लगाई हैं, जिसमें एसडीओ, ग्राम सचिव, जूनियर इंजीनियर, सरपंच सदस्य हैं। तीन सरकारी कर्मचारी सरपंच के अनुसार काम नहीं होने देते। इस कारण इस शर्त को तुरंत प्रभाव से हटवाया जाना चाहिए। सरपंचों को कम से कम 20 लाख रुपये के कार्य तंत्र से करने की अनुमति दी जानी चाहिए। सरपंचों को मासिक भत्ता तीन हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये देना चाहिए। पंचायतों को जल्द ग्रांट जारी करें। अगर नौ जुलाई तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो 10 जुलाई को जिले के सभी सरपंच क्रांतिमान पार्क में एकत्रित होंगे। इसमें आगामी रणनीति का एलान किया जाएगा। सीएम अपनी मांग को लेकर सीएम से भी मिलेंगे। अगर मांग पूरी नहीं की गई तो सरपंच सामूहिक इस्तीफे का फैसला लेने को मजबूर होंगे।
यह मांग भी रखी
सरपंचों ने कहा कि बजरी क्रेशर, सभी मैटीरियल, ईंटों के दाम में बढ़ोतरी होने के कारण इनके सरकारी रेट को बढ़ाया जाना चाहिए। मनरेगा स्कीम के तहत खेतों में जमींदारों के खाल पक्के करवाए जाने चाहिए। बीपीएल कार्ड धारकों का सर्वे करवाया जाना चाहिए। नए राशनकार्ड भी बनाए जाने चाहिए।
यह रहे मौजूद
इस मौके पर कृष्ण नलवा, राजेश जाटान, शमशेर सिंह, मांगे राम, विरेंद्र सिंह सोरखी, संदीप, सियाराम रावतखेड़ा, जसवंत पायल, राहुल रायपुर, सुरेश चिड़ौद, मनोज बीड़, संदीप धायल सहित अन्य सरपंच मौजूद थे।
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-सरपंचों ने कहा, 20 तक के काम सरपंच के जरियेे कराए जाएं
-पांच लाख से अधिक के काम पर ई-टेंडर की शर्त हटाएं
-बोले, सरपंचों की मांग नहीं मानी तो सामूूहिक इस्तीफे का लेंगे फैसला