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Hisar News: 1 फरवरी से जिले में 41 खेल नर्सरियां होगी बंद, 1025 खिलाड़ियों के भविष्य पर लटकी तलवार

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हिसार। जिले के शिक्षण संस्थान, प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में चल रही 41 खेल नर्सरियां एक फरवरी से बंद होने जा रही हैं। इसके अलावा 29 खेल नर्सरियां सरकारी कोच को चलानी अनिवार्य की गई है। खेल विभाग की ओर से जारी किए आदेश के अनुसार जिले की कुल 70 खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे करीब 1750 खिलाड़ियों के भविष्य पर तलवार लटक गई है। अब इन खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी। नर्सरियां बंद करने को लेकर जिला खेल अधिकारी जगबीर सिंह ने सभी कोच व स्कूल मुखिया को आदेश जारी कर दिए हैं।
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जिला खेल अधिकारी का कहना है कि कोच अपने स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे सकते हैं, मगर उन्हें खेल विभाग की ओर से कोई वेतन नहीं दिया जाएगा। साथ ही खिलाड़ियों को भी स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी। खेल विभाग के अनुसार अप्रैल माह में खेल नर्सरियां शुरू की गई थी। जनवरी महीने से खेल नर्सरियों के लिए प्रोसेस शुरू हो गया था। प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे हैं। विभाग की ओर से 14 साल तक के खिलाड़ियों को 1500 रुपये और 15 साल से 19 साल तक के खिलाड़ियों को 2000 रुपये प्रति माह स्कॉलरशिप देने का प्रावधान है।
सरकारी कोच को चलानी होगी नर्सरी
खेल विभाग की ओर से 29 सरकारी कोच को भी खेल नर्सरियां दी गई थी। सरकारी कोच को नर्सरी चलाना अनिवार्य है। मगर खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप नहीं मिलेगी। जिला खेल अधिकारी ने सरकारी कोच को भी आदेश जारी किए हैं कि वह नर्सरी नहीं बंद करेंगे।
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ये नर्सरियां होंगी प्रभावित
एथलेटिक्स : न्योलीकलां, गढ़ी, खेेड़ी लोहचब, बिचपड़ी, मिर्चपुर और बालक।
फुटबाल : मंगाली, मसूदपुर, मय्यड़, डाटा, कैमरी, चमारखेड़ा, गंगवा में दो नर्सरी।
हैंडबाल : घिराय, बिठमड़ा, उमरा, लितानी।
कबड्डी : उमरा, राजली, खासा महाजन।
वालीबाल : कैमरी, आदमपुर, सीसवाला।
साइकिलिंग : मुगलपुरा।
हॉकी : भिवानी रोहिल्ला, हिसार में दो नर्सरी।
बैडमिंटन : बरवाला, हांसी।
बॉक्सिंग : आदमपुर।
फेंसिंग : सिसाय।
कुश्ती : सिवानी बोलान, अग्रोहा, किरमारा।
बास्केटबाल : जुगलान
जूडो : जुगलान
आर्चरी : मंडी आदमपुर
टेबल टेनिस : माढ़ा
योगा : हिसार
तांग था : मोठ
विद्यार्थियों की परीक्षा को देखते हुए मार्च तक नर्सरियां बंद करने का फैसला लिया गया है। एक फरवरी से जिले में 41 खेल नर्सरियां बंद होंगी। अप्रैल माह में दोबारा से खेल नर्सरियां शुरू होंगी।
- जगबीर सिंह, जिला खेल अधिकारी
हम एक साल भी खेल नर्सरी के तहत अभ्यास नहीं कर पाए। नर्सरियां बंद होने से हमें काफी नुकसान होगा। नर्सरी नियमित चालू रहनी चाहिए। भविष्य में नर्सरियों से अच्छे खिलाड़ी निकलेंगे।
- रेणु, फुटबाल खिलाड़ी
यदि नर्सरी बंद हो जाएगी तो हमारा कॅरिअर बीच में ही खराब हो जाएगा। छोटे खिलाड़ियों के लिए यह स्कीम बेहतर है। नर्सरी बंद हो गई तो काफी खिलाड़ियों को नुकसान होगा। खेल विभाग खिलाड़ियों के भविष्य की चिंता करे। - प्रियंका, फुटबाल खिलाड़ी
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