हिसार। मरम्मत के अभाव में हिसार डिपो की पिंक मिनी बसों का संचालन लगातार प्रभावित हो रहा है। पहले जहां 2 बसें खड़ी थीं, अब उनकी संख्या बढ़कर 4 हो गई है। इससे उमरा–सुलतानपुर और आदमपुर–सिवानी रूटों पर यात्रा करने वाली बेटियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोडवेज की सामान्य बसें इन रूटों पर चल तो रही हैं, मगर उनमें महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के साथ भीड़ बढ़ जाने से बेटियों को सीट तक नहीं मिल पाती और उन्हें खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है।
पांच साल पहले हिसार डिपो को 6 और हांसी सब डिपो को 3 पिंक मिनी बसें मिली थीं। इनकी मरम्मत के लिए आइसर कंपनी को पांच वर्ष का टेंडर दिया गया था, जो अब समाप्त हो चुका है। शुरुआती दौर में मेनटेनेंस की कमी से 2 बसें बंद पड़ी थीं, लेकिन अब दो और बसें भी खड़ी हो चुकी हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यदि जल्द नया टेंडर नहीं हुआ तो शेष दो बसें भी बंद होने की आशंका है।
हिसार में पढ़ने आने वाली बेटियां हो रहीं परेशान
हिसार के सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में कनोह, भूना, दुर्जनपुर, खांडाखेड़ी, खेड़ी चोपटा, बहबलपुर, आदमपुर, सुलतानपुर, हांसी, सिवानी, चिकनवास, अग्रोहा समेत कई गांवों से रोजाना बड़ी संख्या में बेटियां पढ़ने आती हैं। बसों के अभाव और भीड़भाड़ के चलते उन्हें रोजाना आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार उन्हें लंबा समय तक बसों का इंतजार करना पड़ता है, जबकि सीट न मिलने पर सफर करना और भी मुश्किल हो जाता है।
मरम्मत के अभाव में चार पिंक मिनी बसें खड़ी हो चुकी हैं। जब तक टेंडर नहीं होता तब तक डिपो में कार्यरत अन्य कर्मचारियों से बसों की मेनटेनेंस करवाई जाए ताकि बसें बंद न हो और बेटियाें को सुविधा मिल सके।
- राजकुमार चौहान, राज्य उपप्रधान, सर्व कर्मचारी संघ।