फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तीन मरीजों की आंत में मिला ब्लैक फंगस, 4 की मौत

विज्ञापन
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में मरीज के जबड़े का ऑपरेशन करते ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनीवाल और उनकी टीम। - फोटो : Hisar
विज्ञापन
कुलदीप जांगड़ा
विज्ञापन

हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। तीन मरीजों के आंतों में भी ब्लैक फंगस पाया है। मरीज को जल्द पता भी नहीं चलता है, जो अंदर ही अंदर फैल जाती है। कोई इलाज भी नहीं है, क्योंकि ऑपरेशन के समय सभी आंतड़िया निकाल दी जाती हैं। फिर भी चिकित्सक उनको बचा नहीं पाते। जिस कारण दम तोड़ रहे हैं अब तक नाक, आंख, जबड़ा, दिमाग, फेफड़ों में फंगस मिल रहा था। आंत में फंगस मिलने पर मरीजों में सांस की तकलीफ अधिक बढ़ती है।
मेडिकल कॉलेज में वीरवार को ओरल सर्जन, नेत्र रोग, ईएनटी विभाग एवं दंत विभाग की टीम ने ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के दो मरीजों के जबड़ों सहित 9 ऑपरेशन किए। ब्लैक फंगस के कारण चार मरीजों की मौत हो गई। एक मरीज का आधा जबड़ा निकाला गया है। ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनीवाल का कहना है कि ऑपरेशन के समय फंगस अधिक मिलने पर जबड़ा निकालना पड़ता है। अस्पताल में एंफोटेरेसिन के 162 इंजेक्शन पहुंचे है। जिनसे मरीजों को दो-दो टीके लग पाए हैं। कुछ मरीजों की हालत गंभीर होने के चलते उनको 6 से 7 इंजेक्शन की जरूरत है।
विज्ञापन

पॉजिटिव हो चुके लोग ठीक होने के बाद बदलें अपना ब्रश
ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल ने बताया कि जिन मरीजों का जबड़े का ऑपरेशन हुआ है। उन मरीजों को ऑपरेशन के बाद भी मुंह की सफाई रखना बेहद जरूरी हैं। वरना दोबारा से फंगस फैल सकती है। पॉजिटिव होकर ठीक हो चुके मरीज अपना ब्रश बदल लें। सामान्य तौर पर भी 3 से 4 माह में अपना ब्रश बदल लेना चाहिए।
76 मरीजों का चल रहा उपचार
फिलहाल मेडिकल कॉलेज के म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में ब्लैक फंगस के 76 मरीज उपचाराधीन हैं। तीन नए मामले पहुंचे है। ब्लैक फंगस से होने वाली मौत का आंकड़ा 54 हो गया है। मेडिकल कॉलेज के दंत चिकित्सक डॉ. दिनेश ने बताया कि दो से तीन मरीजों में आंतों में भी फंगस पाई गई है। इनकी ऑपरेशन के समय फंगस गली हुई सभी आंतड़ियां निकालनी पड़ती हैं। इस समय दवा भी नहीं मिल रही है। (संवाद)
विज्ञापन

162 इंजेक्शन आए
ब्लैक फंगस के 9 ऑपरेशन हुए हैं। इनमें दो मरीजों के जबड़े के हुए और दोनों ऑपरेशन पिछले ऑपरेशन के मुकाबले ठीक थे। बुधवार को 162 इंजेक्शन आए है और म्यूकरमाइकोसिस के चार मरीजों की मौत हुई है।
डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत रोग विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें