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सरकारी स्कूलों में 37 फीसदी तो निजी में पहुंचे 30 फीसदी विद्यार्थी

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हिसार। जिले में कोरोना के केस घटने पर शुक्रवार को 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल खोले गए। नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन सरकारी में 37 प्रतिशत और निजी स्कूलों में 30 प्रतिशत विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। इस दौरान जिले के 23 प्रतिशत सरकारी और 36 प्रतिशत निजी स्कूलों में एसओपी नियमों की पालना नहीं की गई। कई सरकारी स्कूलों के पास थर्मल स्कैनिंग की मशीनें तक नहीं थी। विद्यार्थियों को सामान्य तरीके से जांचते हुए स्कूलों में एंट्री दी गई। वहीं, जिला शिक्षा कार्यालय ने पड़ाव चौक स्थित एक निजी स्कूल को नियमों का पालन नहीं करने पर कारण बताओ नोटिस भेजने के आदेश जारी किए हैं।
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जिले में 9वीं से 12वीं कक्षा में अभी तक 52392 विद्यार्थियों का दाखिला हो चुका है, जिनमें 9वीं कक्षा में 16270, 10वीं कक्षा में 13216, 11वीं कक्षा में 11354 और 12वीं कक्षा में कुल 11552 विद्यार्थियों का दाखिला सरकारी स्कूलों में हुआ। शुक्रवार को 9वीं से 12वीं कक्षा के कुल 19240 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन उत्सुकता के कारण अधिकांश विद्यार्थी समय से पहले स्कूल पहुंच गए। जहाजपुल स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल का समय सुबह 9 बजे का था, जबकि विद्यार्थी 30 मिनट पहले साढ़े 8 बजे ही स्कूल के मुख्य द्वार पर पहुंचने शुरू हो गए थे। स्कूल खुलने पर कई अभिभावकों ने व्हाट्सएप पर कक्षा इंचार्ज के पास सहमति पत्र भेजा। वहीं कुछ अभिभावकों ने स्कूल मुखिया को फोन पर संपर्क कर अनुमति दी।
80 प्रतिशत विद्यार्थी बिना वर्दी पहुंचे स्कूल
शुक्रवार से स्कूल खुलने पर पहले ही दिन 80 प्रतिशत विद्यार्थी बिना वर्दी स्कूलों में पहुंचे। सबसे ज्यादा सरकारी स्कूलों में विद्यार्थी बिना वर्दी में आए हुए थे। निजी स्कूलों में 22 प्रतिशत विद्यार्थी बिना वर्दी में स्कूल पहुंचे थे। साथ ही निजी और सरकारी स्कूलों में कुल 55 फीसदी विद्यार्थी बिना पानी की बोतलें लेकर स्कूल पहुंचे थे।
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केस-1
जहाजपुल स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शुक्रवार को 10वीं और 12वीं कक्षा के कुल 214 विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। इस स्कूल में 10वीं और 12वीं कक्षा में 655 विद्यार्थियों का दाखिला हुआ है। सुबह 8:45 मिनट पर विद्यार्थियों के लिए स्कूल के मुख्य द्वार पहुंचने शुरू हो गए। इसके बाद विद्यार्थियों के थर्मल स्कैनिंग, तापमान की जांच और मास्क सहित अन्य एसओपी नियमों की पालना कर एंट्री दी गई।
केस-2
नई अनाज मंडी स्थित महाराजा अग्रसेन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में साढ़े 8 बजे विद्यार्थियों की एंट्री शुरू हो गई। यहां थर्मल स्कैनिंग सहित अन्य मानकों की पालना करने के बाद विद्यार्थियों को स्कूल में प्रवेश दिया गया। हालांकि स्कूल में विद्यार्थी बिना वर्दी में पहुंचे।
केस-3
पड़ाव चौक स्थित पीजीएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में न तो एंट्री पर विद्यार्थियों की थर्मल स्कैनिंग की जा रही थी और न ही तापमान की जांच। विद्यार्थी सीधे तौर पर स्कूल में एंट्री करते नजर आए। इतना ही नहीं स्कूल मुखिया शुक्रवार 9 बजे तक उपस्थित नहीं थे।
शुक्र है स्कूल खुल गए हैं वरना दिमाग में घूम रहे थे डाउट्स
12वीं कक्षा में पढ़ता हूं। मेडिकल संकाय में दाखिला लिया है। ऑनलाइन पढ़ाई के कारण दिमाग में कई तरह के डाउट थे। जबकि इसी माह सेट की परीक्षा होनी है, जिसको लेकर चिंता हो रही थी। साथ ही नीट की तैयारी भी कर रहा हूं। - पुलकित, विद्यार्थी
सरकार को धीरे-धीरे स्कूल खोलने चाहिए। एसओपी नियमों के साथ। ऑफलाइन पढ़ाई से पाठ्यक्रम से संबंधित परेशानियों को हल कर सकेंगे। जबकि ऑनलाइन पढ़ाई से ऐसा संभव नहीं है। - मीनाक्षी, विद्यार्थी
पाठ्यक्रम के बारे में काफी कुछ पूछना है। इसलिए शुक्र है स्कूल खुल गए है। वरना कभी डाउट का हल नहीं हो पाता। मुझे खुशी है कि स्कूल खुले हैं। - मयंक, विद्यार्थी, नई अनाज मंडी स्थित महाराजा अग्रसेन सीनियर सेकेंडरी स्कूल
जब तक शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच सीधा संवाद नहीं होगा। तब तक सही मायने में पढ़ाई नहीं हो सकती। इसलिए जरूरी था स्कूल को खोलना। - हंसिका, विद्यार्थी, नई अनाज मंडी स्थित महाराजा अग्रसेन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हिसार
नियमों की पालना न करने पर एक निजी स्कूल को चिठ्ठी लिखने के आदेश जारी कर दिए हैं। अगर कोई स्कूल मुखिया नियम का उल्लंघन करता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। - कुलदीप सिहाग, जिला शिक्षा अधिकारी, हिसार
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