हिसार। जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 3,583 विद्यार्थियों ने मंगलवार को 10 केंद्रों पर मिशन बुनियाद के तहत स्तर-1 की परीक्षा दी। जबकि 656 विद्यार्थी अनुपस्थित रहे। बता दें कि उपरोक्त योजना के लिए जिले में 4,239 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था। सुबह 11:30 बजे परीक्षा शुरू हुई, जिसके लिए परीक्षार्थी 10 बजे ही परीक्षा केंद्रों के बाहर पहुंचने शुरू हो गए। जबकि 10:15 बजे स्कूलों में प्रवेश दिया गया। इस दौरान जिले में 310 परीक्षार्थी बिना एडमिट कार्ड पहुंचे, जिनको मोबाइल पर आए मैसेज दिखाने के बाद परीक्षा में बैठने दिया गया। परीक्षार्थियों ने बताया कि गणित व विज्ञान विषय के सवालों को हल करने में उन्हें मशक्कत करनी पड़ी। एक सवाल को हल करने में दो मिनट से अधिक का वक्त लगा था। हालांकि परीक्षा खत्म होने के बाद परीक्षार्थियों के चेहरे खिले दिखे।
यह है मिशन बुनियाद
सरकारी स्कूल में 8वीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की परीक्षा ली जाती है, जिसमें मिशन बुनियाद के तहत स्तर-1, स्तर-2 व स्तर- 3 की परीक्षा ली जाती है। जिसके बाद निदेशालय की ओर से 100 टॉप विद्यार्थियों का मेरिट लिस्ट के आधार पर चयन किया जाता है, जिन्हें सुपर 100 का नाम दिया जाता है। चयनित विद्यार्थियों को अगले चार साल अर्थात 9वीं, 10वीं, 11वीं व 12वीं कक्षा में कुल 48,000 रुपये छात्रवृत्ति के रूप में दिए जाते हैं।
ये है सेंटर
- ये है परीक्षा सेंटर - इतने रहे उपस्थित
- आदमपुर स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय - 367
- अग्रोहा स्थित आरोही स्कूल - 326
- बहबलपुर स्थित पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय - 286
- बरवाला के नहर कोठी स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय - 333
- बास स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय - 186
- हांसी स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय - 427
- हिसार में जहाजपुल चौक समीप राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय - 527
- हिसार में सुशीला भवन समीप राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय - 413
- नारनौंद स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय - 291
- उकलाना स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय - 426
मिशन बुनियाद स्तर-1 की परीक्षा शांतिपूर्वक संपन्न हुई। 3,583 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 656 अनुपस्थित रहे। अभी स्तर-2 व 3 की परीक्षा होना बाकी है। - नरेंद्र भाटिया, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, हिसार।