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Hisar News: ओएसटी सेंटर में 33 वर्ष के युवा आ रहे नशे की लत छोड़ने

Sat, 17 Feb 2024 09:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
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हांसी के नागरिक अस्पताल में पीपीसी सेंटर में बना ओएसटी सेंटर। 
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हांसी। शहर के नागरिक अस्पताल में बने ओएसटी सेंटर में 13 युवक नशे की लत छोड़ने के लिए दवा ले रहे हैं। अस्पताल में प्रतिदिन इन युवकों को दवा दी जाती है। नशे की लत छोड़ने के लिए 16 वर्ष के किशोर से लेकर 33 वर्ष के युवा यहां से दवा लेने आ रहे हैं।
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नशे की लत में लिप्त युवक अक्सर अपना जीवन बर्बाद कर लेता है, लेकिन अब नशे के खिलाफ भी युवकों ने लड़ाई शुरू कर दी है। 13 युवक नशा छोड़ने के लिए अस्पताल में उपचार ले रहे हैं। नशे की लत लगे लोगों की पहचान नागरिक अस्पताल की टीम द्वारा की गई है। करीब पांच महीने पहले स्वास्थ्य विभाग ने नशा करने वाले युवाओं को नशे की लत छुड़वाने के लिए ओएसटी सेंटर खोला था। यह सेंटर अस्पताल के पीछे बने पीपीसी सेंटर में बनाया गया है। यहीं पर आईसीटीसी सेंटर भी है। इसमें से सात युवकों की सूची दी गई थी। बाद में विभाग द्वारा अन्य युवकों की पहचान की गई। इसमें एक युवक एचआईवी पॉजिटिव भी है। उसका भी उपचार किया जा रहा है। यहां पर प्रतिदिन युवाओं को दवा दी जाती है। इसके लिए युवाओं को प्रतिदिन आना पड़ता है। फिर चाहे रविवार हो या फिर छुट्टी का दिन हो, युवाओं को यहां पर दवा दी जाती है। यह दवा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों द्वारा कुट कर उनके मुंह में डाली जाती है। दवा के कुछ समय बाद उन्हें वापस भेजा जाता है। इस ओएसटी सेंटर का इंचार्ज डॉ. संजय वर्मा को बनाया गया है। वहीं कविता को को-ऑर्डिनेटर बनाया गया है। सेंटर के अनुसार करीब 3-4 युवक नशा छोड़ने का दावा कर चुके हैं, लेकिन अभी उनका उपचार चल रहा है।
सेंटर में केवल उन्हें युवकों का उपचार किया जाता है। जो कि सुई से नशे का सेवन करते हैं। सेंटर में अभी तक गांजा, हेरोइन का सेवन करने वाले उपचार के लिए आते हैं। अभी यहां शराब व पुडिय़ा से नशा करने वालों का उपचार नहीं किया जाता है। अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले संदिग्ध युवकों से डॉक्टर व कर्मचारी पूछताछ करते हैं। इस दौरान कोई नशे का आदि मिलता है तो उसे नशे के खिलाफ जागरूक करके उपचार के लिए प्रेरित करते हैं। वहीं अस्पताल में संदिग्ध युवकों का एचआईवी टेस्ट किया जाता है।
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सेंटर में नशा छोड़ने वाले युवकों का उपचार चल रहा है। उपचार करीब छह महीने तक चलता है। बाकी नशा छोड़ने वालों की इच्छा शक्ति पर भी निर्भर करता है कि वह कितना जल्दी नशा छोड़ते हैं। कई बार युवक खुद ही नशा छोड़ने के लिए सेंटर में आते हैं, कभी माता-पिता लेकर आते हैं।- डॉ. संजय वर्मा, आरएमओ व इंचार्ज, ओएसटी सेंटर।
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