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सरकारी विभागों में अटके नगर निगम के करोड़ों रुपये, अकेले बिजली निगम में 11 करोड़ 7 लाख बकाया

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। नगर निगम का करोड़ों रुपये प्रॉपर्टी टैक्स सरकारी विभागों में अटका हुआ है। अकेले बिजली निगम की प्रॉपर्टीज में ही 11 करोड़ 7 लाख रुपये से अधिक बकाया है। कमिश्नर आवास के 9 लाख 58 हजार जबकि डीसी आवास के 4 लाख 74 हजार रुपये भी बकाया पड़े हैं। अगर सरकारी विभागों में फंसा प्रॉपर्टी टैक्स तत्काल जमा हो तो निगम की आमदनी में बड़ा इजाफा होगा। हालांकि अब निगम प्रशासन ने सरकारी विभागों को रिमाइंडर नोटिस भेजने की तैयारी की है। उधर, अभी तक शहर के बड़े व्यावसायिक, शिक्षण व चिकित्सा संस्थानों द्वारा भी प्रॉपर्टी टैक्स जमा नहीं करवाया गया है। इन संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक कर निगम अधिकारी उन्हें 28 फरवरी तक मिलने वाली छूट की जानकारी देगा।
बिजली निगम की 13 प्रॉपर्टीज पर फंसा पैसा
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की 13 प्रॉपर्टीज ऐसी हैं, जिनमें नगर निगम का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया पड़ा है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी, लघु सचिवालय, महाबीर स्टेडियम, जन स्वास्थ्य विभाग सहित कई विभागों के भवनों पर भी 6 करोड़ 38 लाख रुपये का टैक्स अटका हुआ है।
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28 फरवरी तक मिल रही है ब्याज में छूट
अधिकारियों के अनुसार प्रदेश सरकार के आदेश पर 28 फरवरी तक प्रॉपर्टी टैक्स के ब्याज में सौ प्रतिशत छूट मिल रही है। मगर अभी तक बड़े व्यावसायिक, शिक्षण व चिकित्सा संस्थानों की ओर से टैक्स जमा करवाने में दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इसलिए इन संस्थानों के प्रतिनिधियों के साथ निगम अधिकारी बैठक करेंगे। बैठक में इन प्रतिनिधियों को प्रॉपर्टी टैक्स में छूट की जानकारी दी जाएगी, ताकि अधिक से अधिक संस्थान मालिक प्रॉपर्टी टैक्स भरवा कर खुद को बकायेदारों की सूची से बाहर करवा सकें।

उधर, प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच का अधीक्षक बदला, 18 हजार बिल भी ठीक किए
प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के हालात सुधारने के लिए हर रोज नए कदम उठा रहा है। इस समय निगम में सबसे अधिक शिकायतें इसी ब्रांच के काम को लेकर आ रही हैं। इसलिए अब प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के अधीक्षक को बदला गया है। कार्यालय अधीक्षक कैलाश चंद्र को दोबारा से प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच का जिम्मा सौंपा गया है। 8 दिसंबर से लेकर अब तक निगम 18 हजार बिलों को ठीक कर चुका है। पुरानी फाइलों को भी अलग-अलग करने के लिए सक्षम युवाओं को जुटाया गया है। मगर अभी भी सिस्टम में पूरी तरह सुधार नहीं हुआ। शहरवासियों की परेशानी को कम करने के लिए व्यवस्था में और सुधार की जरूरत है।
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प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायेदार
बिजली निगम.... 11 करोड़ 7 लाख 49 हजार
वाटर वर्क्स एवं पब्लिक हेल्थ ऑफिस .......1 करोड़ 22 लाख 55 हजार
महाबीर स्टेडियम .... 1 करोड़ 16 लाख 80 हजार
वाटर वर्क्स सातरोड़ .... 1 करोड़ 41 लाख 86 हजार
पीडब्ल्यूडी ..... 54 लाख 75 हजार
बाल भवन ...... 43 लाख 80 हजार
पटवार ट्रेनिंग सेंटर ...... 19 लाख 51 हजार

सरकारी विभागों पर नगर निगम का करोड़ों रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। कुछ समय पहले विभागों के प्रतिनिधियों के साथ निगम आयुक्त की बैठक भी हुई थी। अब इन विभागों को दोबारा नोटिस भेजेंगे, ताकि 28 फरवरी तक छूट का लाभ उठा सकें।
-हरदीप सिंह, कार्यकारी अधिकारी, नगर निगम
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