अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सिरसा हाईवे पर शनिवार देर रात सड़क के बीच में खड़े सांड से बाइक टकराने से गांव सदलपुर के 21 वर्षीय युवक अमन बिश्नोई की मौत हो गई। हादसे में जीजेयू का कर्मचारी नेकी राम भी गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर हालत में उनको शहर के निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। मृतक अमन बिश्नोई जंभवाणी प्रचार समिति में प्रचारक था। अचानक हादसे में हुई मौत के कारण पूरे आदमपुर एरिया में शोक का माहौल है।
अमन आदमपुर के फिरोज गांधी मेमोरियल कॉलेज में बीए अंतिम वर्ष का छात्र था। अमन पिछले कई दिनों से जीजेयू में 24 सितंबर को होने वाले खेजड़ली कार्यक्रम के लिए बच्चों को प्रशिक्षण देेने के लिए आता था। इस कार्यक्रम में उसने स्वयं भी हिस्सा लेना था। वह पड़ोस के अपने ताऊ जीजेयू में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के हेल्पर नेकी राम के साथ बाइक पर शनिवार शाम सात बजे शहर से गांव की तरफ जा रहा था। जब वे दोनों सिरसा रोड पर चौथा मिल के पास पहुंचे तो उनकी बाइक की टक्कर सड़क के बीच में खड़े काले सांड से हो गई। टक्कर के कारण दोनों बाइक से गिर पड़े। इससे अमन को छाती में और नेकी राम को मुंह व छाती में गहरी चोटें लगीं, जिससे वे दोनों मौके पर ही बेहोश हो गए। राहगीरों ने जब हादसा देखा तो उनको एंबुलेंस से नागरिक अस्पताल पहुंचाया और नेकी राम के फोन से नंबर देखकर उनके परिजनों को सूचना दी। नागरिक अस्पताल में डॉक्टरों ने अमन को मृत घोषित कर दिया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। नेकी राम को हालत गंभीर होने के कारण निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। पुलिस ने हादसे में इत्तफाकिया घटना का मामला दर्ज कर कार्रवाई की है।
सामाजिक कार्यों से जुड़ा था अमन
घटना की सूचना मिलने के बाद नागरिक अस्पताल में पहुंचे कई गांवों के सरपंच व अन्य लोगों ने बताया कि अमन सामाजिक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। इतनी कम उम्र में भी वह कई संस्थाओं का अग्रणी सदस्य था। पिछले कुछ समय से वह विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन करके भगवान जंभेश्वर की शिक्षाओं का प्रचार करता था। अमन सिरसा से संगीत सीख रहा था। 24 सितंबर को उसे जीजेयू में होने वाले खेजड़ली कार्यक्रम में भाग लेना था। सदलपुर के ग्रामीणों ने बताया कि अमन एक उभरता कलाकार था और भजन गायक भी था। इस हादसे से पूरे गांव में शौक है।
जिनको बचाने में आगे रहता था अमन, वही बना मौत का कारण
ग्रामीणों के अनुसार अमन गांव में गायों, विभिन्न पशु-पक्षियों को बचाने व उनकी सेवा में तत्पर रहता था। हिरणों को बचाने के बारे में भी वह लगातार अपने कार्यक्रम में प्रचार करता था। इसके अलावा गांव में बनी गोशाला में भी वह हर रोज सुबह जाता था। शनिवार को सांड के साथ टक्कर हो जाने से उसकी मौत हो गई।
खेतीबाड़ी करता है परिवार
अमन के पिता दलीप सिंह गांव में छोटे किसान हैं। वह अपनी करीब पांच एकड़ जमीन में खेती करते हैं। अमन का बड़ा भाई लकड़ी का काम करता है। अमन के पिता दलीप सिंह की अपने होनहार छोटे बेटे से बड़ी उम्मीदें थीं, जो शनिवार को हुए हादसे के साथ खत्म हो गईं।
अब तक हो चुके ये हादसे
- 26 अक्तूबर 2017 को साउथ बाईपास पर गाय से टक्कर के कारण बाइक सवार की मौत
- 28 नवंबर को चंदन नगर के पास हादसे में रोहतक के निंदाना गांव के युवक की मौत
- 11 दिसंबर को गाय से टक्कर के कारण बाइक सवार दो की मौत
- 19 दिसंबर को किरोड़ी गांव में गाय के पटकने से महिला की मौत
- 2 फरवरी को महाबीर कॉलोनी निवासी महिला पुष्पा की मौत
- 15 फरवरी को गाय को बचाने के चक्कर में गाड़ी पलटी, एक की मौत
- 26 फरवरी को दुर्जनपुर के पास बाइक सवार की मौत
- 3 मार्च को गढ़ी गांव में लावारिस सांड ने किसान को पटका, मौत
- 2 अप्रैल को थुराना के बाइक सवार की मौत
- 13 जुलाई को धांसू केे युवक की मौत
- 18 जुलाई को धांसू के पास हादसे में शाहपुर के युवक की मौत
नोट - सींग मारने, टक्कर मारने व हादसों में करीबन 52 लोग घायल भी हो चुुके हैं।
नगर निगम द्वारा पशु मुक्त शहर घोषित किया जा चुका है हिसार
नगर निगम द्वारा हिसार जिले को पशु मुक्त घोषित किया जा चुका है। सरकार ने निगम को कई बार पशु मुक्त बनाने के लिए समय दिया। सरकार के दबाव के चलते 25 अक्तूबर 2017 को निगम ने जिले को पशु मुक्त घोषित कर दिया था। हालांकि दिखावे के लिए एक-दो अभियान चलाया गया और कुछ पशु भी पकड़े गए थे, लेकिन कुल मिलाकर पशु पकड़ने की खानापूर्ति ही गई, जिस कारण आज भी शहर की सड़कों पर लावारिस पशुओं की भरमार है और वे नागरिकों की मौत का कारण बन रहे हैं।