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प्रमोशन के लिए जीजेयू में छिड़ी जंग, नॉन टीचिंग एसोसिएशन ने लगाया प्रशासनिक भवन पर ताला, काम ठप

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी में प्रमोशन को लेकर जंग छिड़ गई है। सोमवार को भी प्रमोशन के लिए जमकर बवाल मचा। नॉन-टीचिंग एसोसिएशन के सदस्यों ने सुबह प्रशासनिक भवन पर ताला जड़ दिया। ताला जड़ने के बाद कर्मचारी टेक्निकल स्टाफ की प्रमोशन की मांग को लेकर भवन के आगे ही धरने पर बैठ गए। प्रशासनिक भवन में कार्यरत कर्मचारियों ने पेंडिंग फाइलों का हवाला देने की भी कोशिश, लेकिन एसोसिएशन सदस्यों का रोष जारी रहा। इससे पूरे दिन के लिए प्रशासनिक भवन का कामकाज ठप हो गया। देर शाम तक भी भवन का ताला नहीं खोला गया। नॉन-टीचिंग एसोसिएशन के सदस्यों के साथ दिव्यांग कर्मचारी कल्याण संघ और मेकेनिकल यूनियन पहले से ही धरने पर बैठी हैं।
कुलपति पर आरोप : बैकलॉग प्रणाली से कुछ कर्मियों को प्रमोट किया
धरने पर बैठे नॉन टीचिंग एसोसिएशन के सदस्यों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने पर बैठे जीजेयू के टेक्निकल स्टाफ के कर्मचारियों ने कुलपति टंकेश्वर कुमार पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुलपति ने बैकलॉग प्रणाली के अनुुुसार कुछ कर्मचारियों का प्रमोशन किया है, बल्कि बैकलॉग के अनुसार प्रमोशन करना कानून प्रक्रिया में नहीं आता है। उन्होंने कहा कि कुलपति को प्रमोशन करना ही था तो सीनियरटी के अनुसार करना चाहिए था। धरने पर बैठे सदस्यों ने कहा कि जब तक कुलपति टेक्निकल स्टाफ की प्रमोशन नहीं करते, तब तक धरना जारी रहेगा।
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बोले, टेक्निकल स्टाफ की आज तक नहीं हुई प्रमोशन
नॉन-टीचिंग एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि विश्वविद्यालय के टेक्निकल स्टाफ की आज तक प्रमोशन नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में रोष है। कोई कर्मचारी लंबे समय से काम कर रहा है, लेकिन उसको प्रमोशन नहीं मिलना उसके हितों के साथ कुठाराघात है। एसोसिएशन ने मांग की कि जल्द टेक्निकल स्टाफ की प्रमोशन की जाए। टेक्निकल स्टाफ के अलावा अन्य कर्मचारियों की भी सीनियरटी के अनुसार प्रमोशन हो। एसोसिएशन ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की प्रमोशन करने की भी मांग उठाई।
23 कर्मचारियों की प्रमोशन पर मिलीभगत के आरोप
नॉन टीचिंग एसोसिएशन सदस्यों ने कुलपति प्रोफेसर टंकेश्वर कुमार पर आरोप लगाए कि वीसी ने टेक्निकल स्टाफ के साथ धोखा किया है। 22 मार्च को जीजेयू के 23 कर्मचारियों को प्रमोट किया गया। यह प्रमोशन वीसी ने एसडीएम और तहसीलदार की मिलीभगत से करवाई है। इस दौरान धरने पर भरपूर सिंह, कृष्ण सैनी, होशियार सिंह यादव सहित अनेक सदस्य मौजूद थे।
तीनों दरवाजों पर जड़ा ताला, कामकाज रहा बाधित
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासनिक भवन के तीनों दरवाजों पर ताला लगा दिया। हालांकि प्रशासनिक भवन के कुछेक कर्मचारियों ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि काम बहुत करना है, वीसी कार्यालय में, रजिस्ट्रार कार्यालय में फाइलें भेजनी हैं। ताला क्यों लगा रहे हो। इस पर प्रदर्शनकारियों ने कहा कि ये सब कर्मचारियों की मांग है। हमारा सहयोग करो। ये कहकर नारेबाजी हुए करते प्रशासनिक भवन के तीनों दरवाजों पर ताला लगा दिया गया। ताला लगाने से पहले प्रशासनिक भवन में कार्यरत सभी कर्मचारियों को बिल्डिंग से बाहर भेजा गया। दिनभर अपने काम से आने वाले छात्रों को परेेशानियों का सामना करना पड़ा। ताला लगाने से रिजल्ट ब्रांच, सीक्रेसी ब्रांच, रजिस्ट्रेशन ब्रांच, कंडक्ट ब्रांच आदि का कामकाज ठप रहा।
सात दिनों से धरने पर बैठा है दिव्यांग कर्मचारी कल्याण संघ
दिव्यांग कर्मचारी कल्याण संघ का धरना तो पिछले सात दिनों से जारी है। जीजेयू के प्रशासनिक भवन पर गैर शिक्षक दिव्यांग कर्मचारी संघ का धरना सोमवार को सातवें दिन में प्रवेश कर गया। धरने की अध्यक्षता कृष्ण सिंह ने की। धरने के दौरान दिव्यांग कर्मचारियों की अभी तक कोई सुध न लिए जाने पर प्रशासन के प्रति गहरा रोष व्यक्त किया गया। संघ के प्रधान बलराज सैनी ने कहा कि प्रशासन को रोस्टर में दिव्यांग कोटा निकालकर उनकी पदोन्नति करनी चाहिए थी, लेकिन प्रशासन ने 22 मार्च को की गई पदोन्नति में दिव्यांगों के साथ धोखा किया है। इस गड़बड़ी को लेकर गैर शिक्षक दिव्यांग कर्मचारी कल्याण संघ, अन्य विकलांग संगठनों को साथ लेकर दिव्यांग कमिश्नर और सामाजिक न्याय मंत्री से मिलेगा। विकलांग अधिकार मंच के कार्यकर्ता भी धरनास्थल पर पहुंचे।
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मेकेनिकल यूनियन ने भी लगाया धरना
प्रमोशन की मांग पर जीजेयू की मेकेनिकल यूनियन ने भी सोमवार को कुलपति कार्यालय के बाहर धरना दिया। मेकेनिकल कर्मचारियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में लगातार 22 वर्षों से आज तक मेकेनिकल कर्मियों की प्रमोशन नहीं हुई। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय ने मेकेनिकल स्टाफ के साथ नाइंसाफी की है।
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