अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
नागरिक अस्पताल में प्रशिक्षण हासिल करने आई 30 आशा वर्कर्स की खाना खाने से तबीयत बिगड़ गई। खाना खाते ही आशा वर्कर्स को पेट में दर्द, चक्कर आने और उल्टियां आनी शुरू हो गईं। कई वर्कर्स का अस्पताल में ही उपचार करवाया गया। शनिवार को दोबारा फिर उसी होटल से खाना आया तो आशा वर्करों ने खाने की पैकिंग थालियों को सीएमओ कार्यालय के बाहर रखकर नारेबाजी की। आशा वर्कर्स का आरोप है कि उन्हें दूषित खाना खिलाया गया, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी।
नागरिक अस्पताल के ट्रेनिंग सेंटर में पीएचसी न्योली कलां और सीएचसी सीसवाल से संबंधित आशा वर्कर्स की ट्रेनिंग चल रही है। इनके लिए होटल अन्नपूर्णा से दोपहर का खाना पैक होकर आता है। एक पलेट खाने की कीमत 65 रुपये है। शुक्रवार को दोपहर पैकिंग की थालियों में आया खाना खाते ही करीब 30 आशा वर्करों की तबीयत बिगड़ गई। आशा वर्कर्स शकुुंतला लाडवी, इंद्रो देवी मात्रश्याम, संजय जाखोद, कौशल्या देवी, सुनीता सीसवाल, ममता, कविता सीसवाल, सुनीता किशनगढ़, ममता शर्मा, मंजू आदमपुर, राजबाला, सरोज, निर्मला, सुमन, गीता, संतोष, कमलेश, कृष्णा सहित अन्य को उल्टी, पेटदर्द और चक्कर आने लगे। कुछ वर्कर्स को नागरिक अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शनिवार को आशा वर्कर्स को फिर यही खाना दिया गया तो आशा वर्कर्स ने खाने का विरोध कर दिया। खाने की पैकिंग वाली थालियों को ले जाकर सीएमओ कार्यालय के बाहर रख दिया। नारेबाजी कर खाने की गुणवत्ता का विरोध किया। आशा वर्कर यूूनियन की प्रधान सुुनीता भाटोल ने बताया कि दूषित खाने से तबीयत बिगड़ी है। करीब एक महीने से बदबूदार खाना परोसा जा रहा है। इसके खिलाफ हम जिलास्तर पर प्रदर्शन करेंगे।
खाने की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
जिला उपाध्यक्ष रंजू बाला ने कहा कि खाने सेे बदबू आती है। रोटी कच्ची आती हैं। चावल कच्चे आते हैं। लगातार एक महीने से एसा ही खाना आ रहा। शुक्रवार को हद हो गई खाना ज्यादा खराब था। जिस कारण 30 आशा वर्कर्स खाना खाते ही बीमार हो गईं। इस बारे में डॉ. कुलदीप से मिले थे। उन्होंने कहा कि अगर खाना बेकार आता है तो 65 रुपये आपके बैंक खाते में डाल देंगे।
मेरी जानकारी में मामला आया है कि कुछ आशा वर्कर्स की खाना खाने से हालत बिगड़ गई। इस मामले की जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
-डॉ. जितेंद्र कादियान, सीएमओ नागरिक अस्पताल हिसार
हम सीएमओ और अन्य अधिकारियों को कई बार इस बारे में अवगत करवा चुुके हैं। इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया। खाने से आशा वर्कर्स की तबीयत बिगड़ी है। इस मामले की जांच की जाएगी। अस्पताल के अधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।
-जगत बिसला, जिला आशा वर्कर्स संयोजक
ग्राहक को हम भगवान के समान मानते हैं। हमें जैसा ऑर्डर होता है, वैसा ही खाना देते हैं। हमारे होटल का खाना पूरे हिसार में जाता है। कहीं से कोई शिकायत नहीं आती। सरकारी अस्पताल से हमें कुछ लोग जानबूझ कर परेशान कर रहे हैं। कुछ लड़कियां बाहर से चाय समोसा खाकर आती हैं। फिर हमारे खाने को दूषित बताती है। हमारे खाने में कोई कमी नहीं है। हम अपनी तरफ से स्वच्छ खाना परोसते हैं।
-अनिल नरूला, मालिक अन्नपूूर्णा होटल