घिराये गांव की गलियों में जमा बारिश का पानी।
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हिसार। सुलखनी क्षेत्र में पिछले तीन दिन में हुई मूसलाधार बारिश से सिंघवा राघो में सैकड़ों एकड़ फसल जलमग्न हो गई। गांव की आबादी में पानी घुस गया। घिराय में राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तीन फुट पानी भर जाने पर स्कूल की छुट्टी करनी पड़ी। गांव गुराना में पीएचसी पानी में डूब गई।
ग्रामीण कृष्ण नारू ने बताया कि सिंघवा राघो की सैकड़ों एकड़ फसल में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। गुराना गांव में भी यही स्थिति है। आसपास के 12 गांव की पीएचसी में 2 से 3 फुट पानी जमा है। लोगों को पानी के अंदर से गुजरकर कामकाज करने में मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। गुराना गांव की कई एकड़ फसल में बारिश का पानी निकालने के कोई इंतजाम अभी तक नहीं किए गए हैं। घिराय में दो हजार एकड़ भूमि जलमग्न हो गई। गांव की आबादी में बारिश का पानी घुस गया है। ग्रामीणों ने बताया कि पानी निकासी को लेकर शुक्रवार को संबंधित विभाग के अधिकारियों से मिले थे। अधिकारियों ने पंपसेट लगाकर निकासी प्रबंध का आश्वासन दिया है। नियाना, मिर्जापुर, राजली, बुगाना, बहबलपुर इन गांवों में भी फसलों में पानी भरा है। मिर्जापुर में आबादी में पानी पहुंच गया है।
घिराय राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में पानी भरा होने के कारण अवकाश घोषित करना पड़ा। राजकीय उच्च विद्यालय में भी पानी भरा है। करीब 2000 एकड़ के करीब फसलें जलमग्न हैं। बुगाना गांव में सैकड़ों एकड़ खेतों में पानी भरा है। यहां पर कपास और धान की फसल चौपट हो गई हैं। मसूदपुर डाटा में भी घरों और खेतों में पानी भर चुका है। मिर्जापुर के खेतों में तीन से चार फीट पानी भरा हुआ है। गांव के भी कुछ हिस्से में मकानों तक पानी आ गया है। नियाणा में ग्रामीणों ने बारिश के पानी से डूबी ड्रेन को सुचारु रूप से चलाने के लिए सिंचाई विभाग को शिकायत दी है। खेतों में बिजली के खंभे गिरने से हादसे का अंदेशा बन गया है। ग्रामीण रविंद्र राणा ने बताया कि विभाग को पहले ही शिकायत दी जा चुकी है। किसी ने भी उनकी सुध नहीं ली।