फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ब्लैक फंगस से एक की मौत, एक का निकाला जबड़ा

विज्ञापन
विज्ञापन
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में सोमवार को एक मरीज का जबड़ा निकालना पड़ा। एक मरीज की ब्लैक फंगस के कारण मौत हो गई। सोमवार को 3 नए मामले मेडिकल में पहुंचे। मेडिकल कॉलेज में भर्ती 80 मरीजों के लिए सरकार की ओर से 162 इंजेक्शन पहुंचे। फेफड़ों एवं आंत में फंगस फैलने के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन

अब भी अस्पताल में हर रोज ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के नए मरीज आ रहे हैं। मरीजों में फंगस रोकने के लिए इंजेक्शन दिए जा रहे हैं। इस तरह के अस्पताल में करीब 20 मरीज हैं। जिनके फेफड़े व आंत में फंगस फैली है। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को ब्लैक फंगस के तीन नए मरीज पहुंचे। इसके अलावा ब्लैक फंगस के कारण एक मरीज की मौत हो गई। मृतक मरीज फतेहाबाद जिले के रतिया क्षेत्र का रहने वाला था। फिलहाल अस्पताल में ब्लैक फंगस के 80 मरीज दाखिल है।
ऑपरेशन के बाद सांस की होती है तकलीफ
चिकित्सकों के मुताबिक ऑपरेशन के समय मरीजों के फेफड़े व आंत का वह सभी हिस्सा निकालना पड़ता है, जिसमें फंगस फैली हुई है। ऐसे में मरीजों में ऑपरेशन के बाद सांस की तकलीफ शुरू हो जाती है, वरना अधिक फैल सकती है। सोमवार को भी मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन के दौरान ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनिवाल के निर्देशन में उनकी टीम ने एक और मरीज का जबड़ा निकाला है और मरीजों के जबड़ों की फंगस निकालकर सफाई की है। इसके अलावा ईएनटी, नाक और आंखों के आठ ऑपरेशन किए गए।
विज्ञापन

सरकार की ओर से 162 इंजेक्शन पहुंचे
इधर, सरकार की ओर से सोमवार को ब्लैक फंगस इलाज में कारगर 162 लाइपोसोनल एंफोटेरेसिन इंजेक्शन आए। यह दवा दो दिन से नहीं आ रही थी। इस इंजेक्शन का परिणाम अच्छा है और मरीजों को भी इन दवाओं पर अधिक विश्वास है।
इन दिनों नए मरीजों में ज्यादातर फेफड़ों एवं आंत में फंगस की शिकायत मिल रही है। ऐसे 20 के आसपास मरीज हैं। फिलहाल इनको दवा दी जा रही है। अभी ऐसे किसी भी मरीज का ऑपरेशन नहीं हुआ है। सोमवार को म्यूकरमाइकोसिस के तीन नए मरीज आए हैं और एक मरीज की मौत हुई है।
विज्ञापन

- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, हिसार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें