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सरकारी महकमों में 15 दिन में लगेंगी 2500 स्वाइप मशीन

Sat, 03 Dec 2016 01:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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स्वाइप मशीन - फोटो : bureau
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जिले को कैशलेस करने के लिए प्रशासन ने 2500 स्वाइप मशीन खरीदने का ऑर्डर जारी कर दिया है। सरकारी महकमों में अगले 15 दिन में यह मशीन लगा दी जाएंगी। उपभोक्ताओं को नकद भुगतान के अलावा पांच तरह के ऑप्शन दिए जाएंगे। गांवों को भी कैशलेस करने के लिए सीएससी काम करेंगी।
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प्रधान सचिव एसएन राय ने शुक्रवार को हिसार में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक ली। लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित इस बैठक में मेयर शकुंतला राजलीवाला, जिला परिषद चेयरमैन ब्रह्मदेव स्याहड़वा, भाजपा निगरानी समिति लोकसभा अध्यक्ष  मनदीप मलिक, ब्लॉक समिति अध्यक्ष बलजीत मंगाली, भाजपा महामंत्री आशा रानी खेदड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

एसएन राय ने कहा कि इस संकट के समय में अधिकारी लोगों को हौसला देने का काम करें। नकदी कम आने से समस्या लगातार बढ़ रही है। दस बजे ही बैंकों के गेट पर नो कैश के बोर्ड लग गए हैं।
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किसानों को बिजाई में अधिक दिक्कत नहीं आई। इसका कारण यह रहा कि आढ़ती किसान का सबसे बड़ा क्रेडिट है। आढ़ती के पास क्रेडिट की कमी न होने दें। नहीं तो सीधे तौर पर किसान को समस्या आएंगी।

एक बड़ा कारण यह भी है कि जितना कैश बैंकों की ओर से दिया जा रहा है वो दोबारा बैंक तक नहीं पहुंच रहा। जारी हो रहा कैश सरकुलेशन में नहीं आ पा रहा। कुछ दिन तक एटीएम में भी दिक्कत रहेगी।

नोटबंदी के बाद लाइन में लगे लोग अब तक इसका विरोध नहीं कर रहे हैं। एक्सपर्ट लोग कैशलेस सिस्टम के लिए लोगों को प्रेरित करें ताकि लोगों में पॉजिटिव विचार बने रहें। हमें कैशलेस सिस्टम को आगे बढ़ाना है। डेबिट कार्ड का 90 प्रतिशत उपयोग नकदी निकालने के लिए हो रहा है। इसे नकदी की जगह भुगतान के तौर पर भी उपयोग करें।

डीसी निखिल गजराज ने कहा कि पहले चरण में 2500 स्वाइप मशीन लगाएंगे। इसके लिए ऑर्डर दे दिया गया है। सरकारी विभागों में बिजली निगम, नगर निगम, जनस्वास्थ्य, हुडा, रोडवेज, अस्पताल, ई दिशा केंद्र, तहसील कार्यालय में सबसे पहले यह मशीन लगाएंगे। कॉलेज, यूनिवर्सिटी, नर्सिंग होम, निजी अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट में भी ऐसी मशीन लगाएंगे।

पेट्रोल पंप पर पहली प्राथमिकता
शुक्रवार की रात से सभी पेट्रोल पंप पर स्वाइप मशीन की व्यवस्था की जाएगी। करीब 45 पेट्रोल पंप पर ऐसी मशीन लगी हैं। टोल प्लाजा पर भी ऐसी मशीन बहुत जल्द उपलब्ध करा दी जाएंगी। निजी स्कूलों को भी फीस के लिए मशीन उपयोग कराएंगे।

31 तक कोई सरचार्ज नहीं
स्वाइप मशीन से बिल अदायगी पर औसतन 2 प्रतिशत टैक्स होता है। केंद्र सरकार ने 31 दिसंबर तक स्वाइप मशीन के माध्यम से अदायगी करने पर किसी प्रकार कोई सरचार्ज नहीं देना पड़ेगा।

स्वाइप मशीन के माध्यम से पेमेंट करने पर सरचार्ज वसूले तो उसकी शिकायत अधिकारियों को करें। डीसी ने सीएमओ को निर्देश देते हुए कहा कि प्राइवेट नर्सिंग होम में स्वाइप मशीन लगाने का प्रावधान कराएं। इसके लिए आईएमए पदाधिकारियों के साथ बैठक करें। मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यापारिक संगठनों, मंडी एसोसिएशन, आढ़ती एसोसिएशन के साथ बैठक कर किसानों को ई-वॉलेट व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से पेमेंट के लेन-देन बारे जागरूक करें।

24 घंटे में मिलेगा डेबिट कार्ड
डीसी निखिल गजराज ने कहा कि बैंकों पास बड़ी संख्या में डेबिड कार्ड हैं। खाता धारक को आवेदन करने पर 24 घंटे में एक्टिवेट डेबिट कार्ड दिया जाएगा। बैंक खाता खोलने में भी किसी तरह की दिक्कत नहीं। एक दिन में ही खाता खोला जाएगा। इस बारे में दिक्कत होने पर अपने एरिया के एसडीएम को शिकायत दें। एरिया के एसडीएम को इसके लिए नोडल ऑफिसर बनाया गया है।

हर सब डिविजन में एक गांव कैशलेस हो
प्रधान सचिव ने महाराष्ट्र के गांव का उदाहरण देते हुए कहा कि बैंक अधिकारी हर सब डिविजन में कम से कम एक एक ऐसा गांव तैयार करें। ऐसी सक्सेस स्टोरी को जनता के सामने लाएं। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को नकद भुगतान की बजाए बैंक के जरिए भुगतान करें।

ये अधिकारी रहे मौजूद
मीटिंग में एसडीएम अशोक कुमार बंसल, बरवाला एसडीएम पृथ्वी सिंह, हांसी एसडीएम अनिल नागर, ईओ हुडा सुमित कुमार, सिटीएम सरजीत नैन, जीएम रोडवेज केआर कौशल, प्रशिक्षणाधीन जयबीर यादव, एलडीएम बीके ढींगड़ा, मंडल रोजगार अधिकारी सुरेंद्र मोर सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

पंच, सरपंच, नंबरदार, पटवारी होंगे जागरूक
लोगों को जागरूक करने के लिए एक रिसोर्स पर्सन टीम बनेगी। जो लोगों को जागरूक करेगी। इस टीम में पीजी बेरोजगार युवाओं को लिया गया है। गांव स्तर पर सीएससी संचालक लोगों को कैशलेस के बारे में प्रेरित करें। पंच, सरपंच, नंबरदार, पटवारी को भी इस बारे में जागरूक किया जाएगा।

किसी के पास नहीं सुझाव
प्रधान सचिव व डीसी ने अधिकारियों से पूछा कि इस बारे में कोई सुझाव दें। किसी जनप्रतिनिधि या किसी अधिकारी की ओर से कोई सुझाव नहीं दिया गया। करीब 40 मिनट चली मीटिंग में बैंक अधिकारियों ने भी किसी तरह की जानकारी नहीं दी।
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