25 years ago practised pole vault in college time, now won medals at age 50
- फोटो : Hisar
25 साल पहले की बात है। जब मैं डीएन कॉलेज में एमए की पढ़ाई करता था। उस समय कॉलेज में एथलेटिक विंग होती थी। रोजाना 15-16 दोस्त वहां अभ्यास करते थे। उसके बाद मैंने कभी भी गेम के लिए अलग से कही ट्रेनिंग नहीं ली। बस, रोजाना सुबह एचएयू में एक घंटे वॉक करता हूं, ताकि शरीर फिट रहे। यह कहना है सरसाना निवासी हरपाल कस्वां का।
मणिपुर में हुई 41वीं नेशनल एथलेटिक प्रतियोगिता में तीन पदक जीतने वाले 50 वर्षीय हरपाल कस्वां ने बातचीत में बताया कि उन्होंने इस प्रतियोगिता के लिए सिर्फ वॉक की ही प्रैक्टिस की थी। इसके अलावा चार गुणा 100 मीटर रिले रेस और पोल वॉल्ट इवेंट में बिना प्रैक्टिस ही किस्मत अजमाई। उसके बावजूद उन्होंने सभी इवेंट में पदक हासिल किए हैं।
एक रजत और दो कांस्य पदक पर कब्जा
हरपाल कस्वां ने बताया कि इस प्रतियोगिता में एथलेटिक के इवेंट चार गुणा 100 मीटर रिले रेस में रजत पदक और पोल वॉल्ट और पांच हजार मीटर वॉक में कांस्य पदक पर कब्जा किया है। प्रतियोगिता में हरपाल ने 50 से 55 आयु वर्ग में भाग लिया था। इस दौरान उन्हें वर्ल्ड मास्टर्स एथलेटिक्स की सचिव मारिया, मास्टर्स एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव डेविड प्रेमनाथ ने सम्मानित किया। वहीं हरपाल हैंडबाल कोच अनूप कस्वां के बड़े भाई हैं।
कॉलेज समय से लेकर अब तक तीन बार लिया प्रतियोगिता में भाग
तीन पदक जीतकर नाम रोशन करने वाले 50 वर्षीय हरपाल कस्वां ने बताया कि कॉलेज समय से लेकर अब तक उन्होंने तीन बार ही प्रतियोगिता में भाग लिया है। हालांकि पिछले साल हुई प्रतियोगिता में वह पदक लेने से चूक गए थे। हरपाल ने बताया कि 25 साल पहले कॉलेज समय में एथलेटिक की स्पेशल प्रैक्टिस करते थे, लेकिन अब वह सिर्फ सुबह एक घंटे वॉक ही करते हैं।