इसके बाद इन चार गांवों के लोगों ने मौके पर पहुंच कर प्रशासन से टूटी माइनर को दुरुस्त करने की गुहार लगाई थी। शनिवार को डीएसपी देवेंद्र नैन, एसडीएम राजेश कोथ और थाना प्रभारी बलवान सिंह सुबह से ही मौके पर पहुंचे। चारों गांवों के मौजिज लोगों के साथ कई दौर की बातचीत कर समाधान निकालने की कोशिश की गई। प्रशासन ने माइनर को बंद करने का भरोसा दिलाया था।
शनिवार शाम को हुई घटना
शनिवार शाम तक पानी को बंद नहीं कराया गया तो खानपुर, सिंधड़, सिंघवा राघो ,घिराय गांव के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। दूसरी ओर से गांव गुराना के लोग भी एकत्रित हो गए। जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस हो गई। बहस नोकझोंक तथा फिर पथराव में बदल गई। घायलों को नारनौंद और हांसी के अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है। गंभीर रूप से घायल लोगों को हिसार रेफर किया गया है। देर रात तक पुलिस बल माइनर और आसपास के गांवों में गश्त करता रहा। हालात पर काबू पाने के लिए इलाके में प्रशासन ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की है।
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