अमर उजाला ब्यूरो
हिसार/उकलाना। भैरी अकबरपुर गांव की ढाणी सुभाष में आग के बाद परिवार के तीन सदस्यों की मौत और चार लोगों के गंभीर रूप से झुलसने की घटना के बाद परिजन मुआवजे के रूप में 25-25 लाख रुपये दिए जाने की मांग पर अड़ गए। देर शाम अग्रोहा से पोस्टमार्टम के बाद शव गांव में 5:45 बजे पहुंच गए थे, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने अपनी मांग पर अड़े रहने के चलते देर रात पौने 9 बजे शवों का अंतिम संस्कार हो पाया। तब तक श्मशान घाट में ही पंचायत चलती रही।
परिजनों द्वारा दाह संस्कार नहीं किए जाने सूचना मिलने पर एडीसी अमरजीत सिंह मान मौके पर पहुंचे और उन्होंने परिजनों व ग्रामीणों को मृतकों के मुआवजे के तौर 2-2 लाख रुपये तथा डीसी रेट पर नौकरी देने का आश्वासन दिया। इसके अलावा घायलों के इलाज का खर्च रेडक्रॉस द्वारा दिए जाने और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पीड़ितों का मकान बनवाने का भी आश्वासन दिया। इसके बावजूद परिजन अपनी 25-25 लाख रुपये देने की मांग पर अड़े रहे। इनके अलावा एचएसएससी सदस्य हर्षमोहन भारद्वाज ने महर्षि ट्रस्ट की ओर से पीड़ितों को 1-1 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने का ऐलान किया। मार्केट कमेटी चेयरमैन सतपाल शर्मा ने भी अपनी ओर से एक लाख रुपये पीड़ित परिवार को देने की घोषणा की। राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा की ओर से भी पीड़ितों को एक लाख रुपया देने की घोषणा की गई। इसके बावजूद पीड़ित परिवार और ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। कुछ देर बाद एडीसी वापस हिसार लौट आए।
पंचायत में चलती रही बहस
देर रात साढ़े 8 बजे तक पंचायत का सिलसिला जारी रहा। श्मशाम घाट में शव अंतिम संस्कार के लिए रखे थे, लेकिन परिजन और ग्रामीण मुआवजे के तौर पर 25-25 लाख रुपये दिए जाने की मांग पर अड़े हुए थे। पंचायत में उकलाना के विधायक अनूप धानक, पूर्व विधायक नरेश सेलवाल, जेजेपी के प्रदेश संगठन सचिव राजेंद्र लितानी, भैरी अकबरपुर के सरपंच शमशेर सहित अनेक लोग उपस्थित थे। आखिरकार साढ़े 8 बजे पंचायत ने परिजनों को शवों का अंतिम संस्कार के लिए राजी किया। गांव ने परिजनों को भरोसा जताया कि जो प्रशासनिक या अन्य संस्थाओं की ओर से सहायता मिली है, उसे स्वीकार किया जाए, इसके अलावा जो भी होगा, उसमें पूरा गांव पीड़ितों की भरपूर मदद करेगा। इसके बाद परिजन गांव के फैसले पर राजी हुए और पौने 9 बजे शवों का अंतिम संस्कार किया गया।