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400 करोड़ के खेल में हिसार से 37 साल बाद जींद ट्रांसफर होगी डिविजन नंबर दो

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कपिल भारतीय
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हिसार।
भिवानी में 400 करोड़ रुपये से हो रहे हाईवे निर्माण के ‘खेल’ में हिसार से 37 साल बाद डिविजन नंबर दो को जींद ट्रांसफर किया जाएगा। लोक निर्माण बीएंडआर विभाग के मुख्यालय से डिविजन नंबर ट्रांसफर का फरमान जारी हो चुका है। 1981 में स्थापित की गई डिविजन नंबर दो हिसार जिले में हाईवे से संबंधित कामकाज देखती है। इस डिविजन के जींद ट्रांसफर होने के बाद हिसार के लोगों को हाईवे संबंधी कार्यों की एनओसी लेने जींद जाना होगा। वहीं डिविजन के एक्सईएन से लेकर चपरासी तक सभी कर्मचारियों को भी जींद भेजा जाएगा। कर्मचारी ट्रांसफर रद्द करवाने को हाईकोर्ट में भी गए हैं। हालांकि उच्चाधिकारियों ने डिविजन ट्रांसफर करने के लिए हिसार में हाईवे संबंधी कामकाज नहीं होने का हवाला दिया है।
यह है 400 करोड़ खेल
सूत्रों की माने तो भिवानी में 400 करोड़ रुपये से भिवानी-दादरी हाईवे का निर्माण चल रहा है। निर्माण कार्य में लगे लोगों द्वारा मनपसंद के अधिकारियों से काम करवाने की इच्छा के चलते उच्चाधिकारियों के साथ सांठगांठ करके डिविजन ही बदलवाई जा रही है। इसलिए कभी भिवानी तो कभी रोहतक डिविजन को इस हाईवे से संबंधित काम सौंपा जाता है। पहले भिवानी डिविजन के पास 400 करोड़ संबंधी काम थे, लेकिन उच्चाधिकारियों ने रोहतक डिविजन को काम दे दिया। फिर वही काम वापस भिवानी डिविजन को दे दिए गए। इसके बाद हिसार के डिविजन नंबर तीन को जींद ट्रांसफर करने के आदेश दिए गए, लेकिन फिर उन आदेशों को रद्द कर तीन की बजाय डिविजन नंबर दो को जींद ट्रांसफर करने का फरमान जारी हुआ।
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आठ महीने पहले जींद डिविजन को भिवानी किया था ट्रांसफर
पीडब्ल्यूडी मुख्यालय के इस ट्रांसफर के पीछे की कहानी को कर्मचारी भी नहीं समझ पा रहे हैं। कर्मचारियों के मुताबिक करीब आठ महीने पहले ही जींद डिविजन को भिवानी ट्रांसफर कर दिया गया था। वहां से सभी कर्मचारियों को भिवानी जाना पड़ा। अब हिसार की डिविजन को वापस जींद भेजा जा रहा है। इसलिए डिविजन नंबर दो 70 कर्मचारी मुख्यालय के इन आदेशों की खिलाफत में उतर गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि अगर हिसार से उन्हें जींद भेजा गया तो उन्हें और उनके परिवारों को मानसिक और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

कर्मचारियों का आरोप, मुख्यालय के अफसर खेल रहे सारा ‘खेल’
कर्मचारियों का आरोप है कि यह सारा खेल मुख्यालय के अफसर खेल रहे हैं। अगर जींद डिविजन में काम था तो उसे भिवानी क्यों ट्रांसफर किया गया। इससे अच्छा था कि हिसार डिविजन को ही भिवानी ट्रांसफर कर देते। कर्मचारियों के मुताबिक हेड ऑफिस के अफसरों की गलती छुपाने के लिए अब डिविजन बदलने के आदेश किए जा रहे हैं। अफसरों की कुर्सी बची रहे, इसलिए कर्मचारियों और जनता के हितों को अनदेखा किया जा रहा है।
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हिसार की डिविजन नंबर दो को जींद ट्रांसफर करने का फैसला प्रदेश सरकार ने किया है। नेशनल हाईवे का हिसार में काम नहीं रहा है। जब होगा तो डिविजन भी आ जाएगी। जींद और करनाल में भी काम है। अगर कोई कर्मचारी जींद नहीं जाना चाहेगा तो उसको यहीं रख देंगे। सिस्टम में उसकी प्राथमिकता बनेगी।
-राकेश मनोचा, इंजीनियर-इन-चीफ, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर विभाग
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