अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
मुलतानी चौक निवासी राकेश बांगा ने स्विटजरलैंड से ऑनलाइन मोबाइल ऑर्डर किया। हिसार डाकघर तक आने के बावजूद दो महीने से राकेश फोन के लिए भटक रहा है। पीड़ित पुलिस में शिकायत देने गया तो गया पुलिस ने कहा कि डाक विभाग की दिल्ली विजिलेंस में शिकायत करो। आखिर में पीड़ित ने सीएम विंडो में शिकायत डाली है।
मुलतानी चौक के रहने वाले राकेश बांगा ने बताया कि उन्होंने स्विटरजलैंड की कंपनी पर ऑनलाइन सर्च किया था। इसमें डोजी कंपनी का मोबाइल फोन ऑर्डर किया। 19 जुलाई को यह ऑर्डर किया गया। इसके लिए राकेश ने अपने क्रेडिट कार्ड से 11779 रुपये का भुगतान भी कर दिया। कंपनी ने 20 जुलाई को ही मोबाइल डिस्पैच कर इसका बैच नंबर राकेश बांगा को भेज दिया। इसका ट्रैकिंग नंबर भी भेजा गया। करीब पंद्रह दिन बाद जब राकेश ने अपना ऑर्डर चेक किया तो वह हिसार पोस्ट ऑफिस तक पहुंचा दिखाया गया। पांच अगस्त को पोस्ट ऑफिस पहुंचा तो वहां पोस्टमैन से पूछा। पोस्टमैन ने कहा कि एक सप्ताह इंतजार कर लो। राकेश ने ऑर्डर न मिलने की लिखित शिकायत भी दी। एक सप्ताह बाद फिर गया तो राकेश को कहा गया कि छंटाई विभाग में पता कर लो। छंटाई विभाग के कंप्यूटर में रिकॉर्ड जांचा गया तो वहां डाटा नहीं मिला। राकेश ने डाक विभाग की मैनुअल रिपोर्ट में जांच कराया तो पता लगा कि वहां तक ऑर्डर आया था। डाककर्मियों ने इसकी फोटोकॉपी देने से इनकार कर दिया। राकेश बांगा ने अपने मोबाइल में डाक विभाग के रिकॉर्ड की फोटो ली। अपने मोबाइल के लिए दो महीने से भटक रहे राकेश जब शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंचे तो उन्होंने कहा कि डाक विभाग की दिल्ली विजिलेंस में शिकायत करो। आखिर में राकेश ने सीएम विंडो में शिकायत देकर मोबाइल दिलाने के लिए लिखा है।