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गैंगरेप पीड़िता किशोरी की तबीयत बिगड़ी अस्पताल में भर्ती, गर्भ गिराने को लेकर मांगी कानूनी राय

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
सिटी थाना एरिया में 16 साल की दिव्यांग किशोरी के साथ हुए गैंगरेप मामले में पीड़िता को तबीयत बिगड़ने के चलते अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा। डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू कर दिया है। पीड़िता के शनिवार को जज के समक्ष 164 के बयान दर्ज करवाए गए थे। इसके अलावा सीडब्ल्यूसी के सामने भी पीड़िता के बयान दर्ज हुए। पुलिस का कहना है कि डॉक्टरों ने किशोरी को अस्पताल में भर्ती कर लिया है। डॉक्टरों से उसकी डिलीवरी करवाने को लेकर बातचीत की गई है, साथ ही कानूनी राय भी मांगी गई है कि उसका गर्भ गिराया जा सकता है या नहीं।
यह था मामला
सिटी एरिया में 16 साल की एक दिव्यांग किशोरी के साथ दो लड़के लंबे समय से रेप कर रहे थे। पुलिस ने गैंगरेप पॉक्सो एक्ट समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। मंदबुद्धि लड़की के माता-पिता मजदूरी करते हैं। पीड़ित परिवार बिहार का रहने वाला है। उन्होंने आरोप लगाया था कि एरिया के दो युवक मौका पाकर घर में घुस जाते थे। नाबालिग को हवस का शिकार बनाते। यह क्रम लंबे अरसे से जारी था। किशोरी की मां ने सिटी थाने में शिकायत दी है कि दो लड़के काफी समय से उसकी बेटी के साथ रेप करते आ रहे हैं। बच्ची का पेट बढ़ता देख परिजनों को शक हुआ। परिजनों ने कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी बेटी गर्भवती हो गई है। सिटी थाना पुलिस ने पीड़िता की मेडिकल जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारी बुलाई।
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यूं पकड़ में आया था मामला
चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर ने बताया कि मामला 25 अगस्त को सामने आया था। किशोरी अपने माता-पिता के साथ नागरिक अस्पताल में पेट में दर्द के चलते इलाज करवाने गए थे। जब गायनी के डॉक्टर ने जांच की तो किशोरी गर्भवती मिली। डॉक्टर ने पूछा कि किशोरी शादीशुदा है क्या। इस पर परिजनों ने कहा नहीं। इस पर डॉक्टर ने चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट को मामले के बारे में सूचना दी। सूचना के आधार पर चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट ने मामले की सूचना पुलिस को दी और मामला दर्ज करने के निर्देश दिए। इस पर पुलिस के मामला संज्ञान में आया।
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किशोरी को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। डॉक्टरों की सलाह और कानूनी राय मांगी गई है कि गर्भ गिराया जा सकता है या नहीं। किशोरी के 164 के बयान भी दर्ज करवाए गए हैं। -राकेश रानी, जांच अधिकारी
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