अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
शनिवार को जारी किए नीट परिणाम में शहर के हेतराम पार्क कॉलोनी निवासी अदिति गोयल ने 22वीं रैंक प्राप्त की है। वहीं अदिति गोयल ने प्रदेश में दूसरा और गर्ल्स कैटेगरी में पहला स्थान हासिल किया। अदिति आईएएस बनना चाहती हैं। अदिति गोयल ने ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एम्स में 57वीं रैंक प्राप्त की थी। वहीं जेआईपीटीएम में 27वीं रैंक रही। सीबीएससी बोर्ड से 12वीं की परीक्षा में 96 प्रतिशत अंक रहे। अदिति गोयल ने बताया कि वह 6 से 7 घंटे पढ़ाई करती थी। वह फिजिक्स पढ़ना सबसे ज्यादा पसंद करती है। इसके अलावा शतरंज खेलना बहुत पसंद है। वह आगे पढ़ाई कर आईएएस बनना चाहती है।
अदिति गोयल ने बताया कि उसे आगे बढ़ने और कर गुजरने की प्रेरणा माता-पिता से मिली। अदिति के पिता डॉ. विपिन गोयल सेवक सभा अस्पताल में आई सर्जन हैं। मां डॉ. रेणुका गोयल भी एचएयू हॉस्पिटल में स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं। अदिति की सफलता पर आकाश इंस्टीट्यूट के निदेशक आकाश चौधरी, शाखा प्रबंधक रवि कुमार ने बधाई दी। अदिति ने सातवीं तक की पढ़ाई डीपीएस से और इसके बाद ओपीजेएमएस से पढ़ाई की।
अमीषा की 627वीं रैंक
आकाश इंस्टीट्यूट से कोचिंग लेने वाली सेंट कबीर सीनियर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा अमीषा ने नीट में 627वीं रैंक हासिल की। ओबीसी में 113वीं रैंक रही। इससे पहले एम्स की परीक्षा में 345वीं रैंक हासिल की थी। आईसीएससी बोर्ड से 12वीं की परीक्षा में 93 प्रतिशत अंक हासिल कर उसने स्कूल में टॉप किया था। अमीषा ने बताया कि 10वीं की परीक्षा के बाद नीट की पढ़ाई के लिए तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए उसने शुरू में 8-9 घंटे पढ़ाई करना शुरू किया। इसी प्रकार धीरे-धीरे उसने तैयारी की समय अवधि बढ़ाकर 12 से 13 घंटे शुरू कर दी। इसके लिए जरूरी है कि सोशल मीडिया, मोबाइल, टीवी आदि से दूर रह कर लक्ष्य को प्राप्त करने की भरपूर कोशिश की जाए।
पारूल यादव की 183वीं रैंक
हिसार। आकाश इंस्टीट्यूट से कोचिंग करने वाली और सेंट मैरी की छात्रा पारूल यादव ने नीट में 183वां स्थान प्राप्त किया। वहीं ओबीसी में 18वीं रैंक रही। इससे पहले ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एम्स में जनरल कैटेगरी में 260, ओबीसी कैटेगरी में 34वीं रैंक हासिल की थी। पारूल ने 12वीं में 95 प्रतिशत अंक हासिल किए। उसने मामा से प्रेरित होकर डॉक्टर की पढ़ाई शुरू कर दी। वह हृदय स्पेशलिस्ट बनना चाहती है। इसके अलावा पारूल ने बताया कि हर काम के लिए एक समय सीमा निर्धारित कर वह 8 से 9 घंटे पढ़ाई करती थी।
फोटो - 22 और 21
- आकाश इंस्टीट्यूट की तीन छात्राओं ने किया नाम रोशन