अमर उजाला ब्यूरो
हिसार/बालसमंद। मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा दी जाने वाली छात्रवृत्ति को केंद्र सरकार ने दोगुना कर दिया है। विद्यार्थी अब इस योजना का लाभ स्कूल बदलने के बाद भी उठा पाएंगे। इस स्कीम के तहत आठवीं कक्षा में अध्ययनरत छात्र फार्म भरकर एग्जाम पास करता है। इस एग्जाम को पास करने वाले छात्रों को सालाना 12 हजार रुपये चार साल तक दिए जाते हैं। इससे पहले यह छात्रवृत्ति मात्र छह हजार रुपये दी जाती थी। खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र यादव से मिली जानकारी के अनुसार एनएमएसएस के पासआउट छात्रों का डाटा अपडेट करना स्कूल मुखियाओं की जिम्मेवारी है। अगर इस संबंध में कोई भी शिकायत मिलती है तो उसके जिम्मेवार स्कूल मुखिया होंगे। अगर कोई छात्र स्कूल बदलता है तो उसका डाटा अपडेट करना जरूरी है, ताकि लाभार्थी छात्र सरकार की इस स्कीम का लाभ उठा सके।
स्कूल मुखिया को अपलोड करना होगा डाटा
जिला शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से सभी स्कूलों को पत्र जारी कर स्कीम के लाभार्थी छात्रों का डाटा अपडेट करने के आदेश जारी किए हैं। स्कूल मुखियाओं को आदेश जारी किए गए है कि सरकार की इस योजना के लाभार्थी छात्रों का डाटा एनएसपी पोर्टल पर अपलोड करे। हर वर्ष इन छात्रों का डाटा अपडेट करना स्कूल मुखिया की जिम्मेवारी होगी। अगर कोई छात्र किसी भी कारण से स्कूल बदलता है तो भी एसएलसी देने वाले स्कूल मुखिया को छात्र का डाटा अपडेट करना होगा। अगर किसी छात्र की छात्रवृत्ति समयानुसार नहीं आती है तो इसकी जिम्मेदारी स्कूल मुखिया की होगी।
सभी स्कूल मुखियाओं को स्कीम के लाभार्थी छात्रों का डाटा साइट पर अपलोड करने के आदेश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति के लिए परेशान न होना पड़े।
-नरेंद्र यादव, बीईओ, हिसार द्वितीय
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केंद्र सरकार द्वारा छात्रवृत्ति की राशि दोगुनी कर दी गई है। सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर बेहतर बनाने के सरकार का सराहनीय कदम है। बीईओ व स्कूल मुुखियाओं की देखरेख मेें विद्यार्थी इस स्कीम का लाभ उठा पाएंगे।
-बलजीत सहरावत, डीईओ, हिसार