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स्वर्ण जंयती कार्यक्रम में हुई थी सरकार की किरकरी..

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
स्वर्ण जयंती के कार्यक्रम में करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सीएम के भाषण में तालियां न बजना इवेंट एजेंसी को महंगा पड़ सकता है। जिला प्रशासन की गठित कमेटी ने इवेंट कंपनी के अलग-अलग कार्यों में खामी मिलने के मामले पर 92 लाख रुपये की पेमेंट काटने की अनुशंसा की है। भाषण में माइक खराब होने से लेकर मंच पर अव्यवस्थाओं को आधार बनाकर कमेटी ने इवेंट एजेंसी के रुपये काटने बारे अनुशंसा की है। इस मामले के बाद अब अधिकारी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। सूत्र बताते हैं कि इस मामले में अब दिल्ली की कंपनी आरबीटेशन में जाएगी। यानी वे इसके लिए उच्च अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा सकती है। इसके बाद उच्च अधिकारी पर निर्भर करेगा कि एजेंसी के कितने रुपये काटे जाएं या ये उचित है या नहीं।
एडीसी ने ली थी मीटिंग
इवेंट एजेंसी को निगम ने 4 करोड़ 65 लाख रुपये का टेंडर दिया था। टेंडर के तहत पूरा इवेंट का जिम्मा कंपनी का था। इसमें काफी कमियां थी। अलग-अलग विभागों के तकनीकी अधिकारियों की कमेटी इसकी मॉनीटरिंग कर रही थी। मॉनीटरिंग करने वाली कमेटियों के सदस्यों से बुधवार को एडीसी एएस मान ने मीटिंग की। मीटिंग में उन्होंने कमेटी में शामिल अधिकारियों को कहा कि जो रिपोर्ट तैयार की गई है उसके आधार पर जितने रुपयों की कटौती की जानी है वो फाइल रिपोर्ट पेश करो ताकि कंपनी की फाइनल पेमेंट की जाए।
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300 कुर्सियां भी थी कम
स्टेडियम में आम लोगों के बैठने के लिए 3 हजार कुर्सियां लगाई जानी थी। लेकिन इनमें से 300 कुर्सियां कम थी। मॉनीटरिंग करने वाले अधिकारियों ने इनके रुपये काटे हैं।
नहीं थी स्टेज की अर्थिंग
इवेंट कंपनी ने स्टेज की अर्थिंग भी ठीक नहीं की थी। अधिकारियों ने इस पर भी सवाल उठाए थे और इवेंट एजेंसी को मौके पर नोटिस दिया था।

नहीं की फूलों की स्टेज पर व्यवस्था
कंपनी ने फूलों की व्यवस्था ठीक नहीं की। जो व्यवस्था की उसमें करीब 20 किलोग्राम फूल कम थे। फूल बरसाने में भी कंजूसी की गई। निर्धारित मात्रा से आधे ही फूल बरसाए गए। जो बरसाए गए वो भी केवल स्टेडियम (कार्यक्रम स्थल) से बाहर ही गिरा दिए गए।

कमेटी के बाद इनके पास जाएगी रिपोर्ट
अलग-अलग विभागों के टेक्निकल अधिकारियों की ज्वाइंट कमेटी ने रिपोर्ट तैयार कर दी है। अब ये रिपोर्ट पांच सदस्यों की टेक्निकल टीम के पास पहुंच गई है। इसमें एसई स्तर के अधिकारी हैं। अब अंतिम फैसला एडमिनिस्ट्रेटिव अधिकारी लेंगे।
वर्जन
हमने फाइनल रिपोर्ट दे दी है। जो कमियां थी उसके हिसाब से पेमेंट भी काटी जाएगी। वैसे अंतिम फैसला निगम अधिकारी लेंगे उनके यहां से ही पेमेंट की जानी है।
- योगेश मेहरा, एक्सईएन बीएंडआर।

31 अक्तूबर को हुआ था स्वर्ण जयंती कार्यक्रम
31 अक्तूबर को प्रदेश सरकार ने हिसार के महाबीर स्टेडियम में स्वर्ण जयंती समापन समारोह का आयोजन किया था। इस कार्यक्रम में सरकार ने करीब 6 करोड़ रुपये के आसपास खर्च किए थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू थे। वेंकैया नायडू के भाषण में माइक खराब हो गया था। इसके साथ ही जब सीएम मनोहर लाल ने भाषण दिया तो उस वक्त उनका भाषण श्रोताओं को समझ नहीं आया। उनके भाषण पर किसी ने तालियां तक नहीं बजाई थी। राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी ने खुद कहा कि सीएम साहब ने इतना अच्छा भाषण दिया इस पर तालियां तो बजनी चाहिए।

सोनू निगम ने दस मिनट कम दी प्रस्तुति, आठ लाख काटे
सिंगर सोनू निगम ने स्वर्ण जयंती कार्यक्रम में निर्धारित समय से 10 मिनट कम प्रस्तुति दी। कमेटी ने इसको लेकर एजेंसी को की जाने वाली पेमेंट में से 8 लाख रुपये कम करने की अनुशंसा की है।
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वर्जन
मौके पर जो एजेंसी को काम किया या जो कमियां पाई गई उनका पैसा तो काटा जाएगा। हर काम में ऐसा ही होता है चाहे वो सड़क से ही संबंधित क्यों न हो। बाकी कितने रुपये काटे जाएंगे यह सही रिपोर्ट निगम से ही मिलेगी।
- एएस मान, एडीसी।


कंपनी को 92 लाख में पड़ा सीएम के भाषण में तालियां न बजना
----1 नवंबर को प्रकाशित समचार की ईपीएस
- इवेंट कंपनी के टेंडर से 92 लाख की कटौती
- 6 करोड़ के स्वर्ण जयंती समारोह में माइक खराब होने के साथ ही मिली थी कई कमियां
- फाइनल रिपोर्ट पहुंची निगम में
-अलग-अलग विभागों के अधिकारियों की शामिल कमेटियों ने की 92 लाख रुपये की पेमेंट काटने की अनुशंसा
- अब निगम अधिकारियों के पास अंतिम पॉवर कितनी पेमेंट काटनी होगी उचित
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