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जनप्रतिनिधियों के ब्लड रिलेशन वाले ठेकेदारों के निगम ने रोके टेंडर वर्क ऑर्डर, जांच के आदेश

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हिसार।
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मध्यप्रदेश के एनर्जी न्यू एंड रिन्यूवेबल एनर्जी डिपार्टमेंट के मंत्री द्वारा अपने बहू-बेटी की कंपनी को ऊर्जा विकास निगम से करोड़ों के टेंडर दिए जाने के मामले में घिरी बीजेपी सरकार ने प्रदेशभर में नगर निगमों, पालिकाओं, परिषदों को लेटर जारी कर ऐसे मामलों में कांट्रेक्ट देने पर रोक लगा दी है। यूएलबी ने टेक्निकल विंग को लेटर लिखा कि निगम के जनप्रतिनिधियों और किसी अधिकारी के ब्लड रिलेशन वाले कांट्रेक्टर को ठेका नहीं दिया जाएगा। इस मामले के बाद नगर निगम में हड़कंप मच गया है। क्योंकि निगम के अधिकतर कांट्रेक्ट ऐसे ठेकेदारों पर है, जो जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार हैं। निगम ने कुछ ठेकेदारों के तो वर्तमान में वर्क ऑर्डर तक रोक दिए हैं। फिलहाल उनकी एजेंसियों के नाम नए टेंडर निकले हैं।
कमिश्नर ने दिए जांच के आदेश
इस मामले में कमिश्नर अशोक बंसल ने जांच के आदेश दिए हैं। एसई रामजीलाल इस मामले की जांच कर रहे हैं। वर्तमान में कौन से ठेकेदार ऐसे हैं, जिनकी एजेंसी है और वे किन जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार हैं।
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इन जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार कर रहे निगम में काम
-नगर निगम में इस दौरान वार्ड नंबर एक से पार्षद के भाई काम कर रहे हैं।
- वार्ड दो की पार्षद के बेटे निगम में काम कर रहे हैं।
- वार्ड 20 के परिवार से एक कांट्रेक्टर काम कर रहा है।
- निगम के एक पार्षद भी किसी दूसरी फर्म के नाम पर काम कर रहे हैं।
- एक अधिकारी के रिश्तेदार भी कांट्रेक्टर का काम कर रहे हैं।

बड़ा सवाल : वर्तमान में करोड़ों के चल रहे काम, आखिर उनका क्या
वर्तमान में इन कांट्रेक्टर्स के पास करोड़ों के काम चल रहे हैं। करोड़ों के ही काम के टेंडर भरे हुए हैं। करीब 20 करोड़ से ज्यादा के काम फिलहाल जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार के पास हैं। अब इनका आखिर क्या होगा अधिकारियों में हड़बड़ाहट हो गई है।
पार्षद के भाई को ठेका दिलवाने को बनाई उसी के अनुरूप कंडीशन
निगम अधिकारियों ने मिलीभगत कर पार्षद के भाई को सेक्टरों का ठेका दिलवाने के लिए मिलीभगत कर उसी के अनुरूप कंडीशन तैयार करवाई गई। इसी के चलते ऐसा हुआ है कि छह करोड़ के टेंडर में से लगभग सभी टेंडर उसी के पास हैं। जो टेंडर रिकॉल हुए, वे केवल उसी की एजेंसी ने भरे, बाकी सिंगल ही रहे।
निगम एक्ट में पहले से चल रहे थे काम
नगर निगम एक्ट में ये पहले से ही है कि कोई भी जनप्रतिनिधि के रिश्तेदार कांट्रेक्टर को निगम में ठेका नहीं दिया जा सकता। रिश्तेदार कांट्रेक्टर सालों से काम कर रहे हैं। निगम अधिकारियों की मिलीभगत के चलते ऐसे काम हो रहे हैं।
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ब्लड रिलेशन संबंधित नया लेटर जारी हुआ है। वर्क ऑर्डर एक बार रोके गए हैं। मामले की एसई साहब जांच करेंगे। रिपोर्ट तैयार की जा रही है। -विवेक गिल, एक्सईएन नगर निगम
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