फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेताओं के इशारे पर काम करने पर हटाया किरमारा को : हिम्मत सिंह

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

हिसार।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला संयोजक हिम्मत सिंह ने आरोप लगाया कि पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण किरमारा कुछ नेताओं के इशारे पर गुटबाजी को बढ़ावा दे रहे थे। षड्यंत्र के तहत ही कृष्ण किरमारा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। इसी के चलते उनको जिलाध्यक्ष पद से हटाया गया था।
जाट धर्मशाला में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक जिला संयोजक हिम्मत सिंह की अध्यक्षता में हुई। बैठक में कृष्ण किरमारा का मुद्दा विशेष रूप से छाया रहा। हिम्मत सिंह ने कहा कि पूर्व जिलाध्यक्ष किरमारा जाट समाज को झूठा बताकर अपना निजी हित साधना चाहता है। यही नहीं उसने पिछले आंदोलन को तोड़ने का षड्यंत्र भी सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं के इशारे पर किया। यह पता लगने पर समिति ने अध्यक्ष पद से हटा दिया था। कृष्ण किरमारा समाज में गुटबाजी का भ्रम फैला रहा है।
विज्ञापन

समिति के प्रदेश प्रवक्ता रामभगत मलिक ने बताया कि 19 मार्च 2017 को जो समझौता हुआ था, वह लगभग पूरा होने वाला है। समिति की छह मांगें थीं। इनमें जाट आरक्षण पर सटे होने के कारण सरकार ने आर्थिक आधार पर आरक्षण का लाभ जाट सहित पांच जातियों को देकर अधिसूचना जारी कर दी है। नया राष्ट्रीय सामाजिक व शैक्षणिक वर्ग आयोग का गठन करके वर्षाकालीन सत्र में बिल पास कर दिया है। राज्यसभा में विपक्ष की ओर से बिल रोकने पर सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया है। जो पिछले हफ्ते कमेटी ने पास कर दिया है। मानसून सत्र में बिल पास होने की संभावना है। इससे केंद्र में आरक्षण की सुनवाई का रास्ता खुल चुका है। आरक्षण आंदोलन के दौरान मारे गए युवकों के आश्रितों को नौकरी दे दी है। उन्होंने बताया कि अधिकतर घायलों को मुआवजा मिल चुका है। जो कुछ रह गए हैं, उनके दिव्यांग सर्टिफिकेट बनने के बाद मुआवजा मिल जाएगा। जाट समाज के 28 व्यक्ति जेलों में बंद हैं। इनमें से 20 के केस सीबीआई में और आठ ऐसे व्यक्ति हैं, जिनके ऊपर आरक्षण के अलावा अन्य केस हैं। सरकार ठीक दिशा में जा रही है, लेकिन गति धीमी है।
विज्ञापन

अब हल्का स्तर पर होंगी कमेटी
अब जिला स्तर के साथ हल्का स्तर की भी कमेटियां होंगी। उकलाना और नारनौंद की कमेटी बनाई गई। उकलाना इकाई का प्रधान मंदीप किरमारा को और नारनौंद इकाई का प्रधान शीलू को बनाया गया। इस अवसर पर महेंद्र सिंह पूनिया, दलजीत सिंह फौजी, महेंद्र पाल पूनिया, रणधीर बामल, देवी प्रसन्न दहिया, वजीर सिंह ढांडा, बलदेव सिंह भाकर आदि मौजूद थे।

फोटो 47 व 48 सहित
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें