हिसार। जिले के सरकारी स्कूलों में अब हर माह 20 निरीक्षण होंगे। मिड-डे मील की गुणवत्ता, शौचालयों की सफाई और मूलभूत सुविधाओं को लेकर मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को उपायुक्त की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक में स्कूल व्यवस्थाओं में सुधार और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले जहां प्रत्येक अधिकारी महीने में चार निरीक्षण करता था, अब यह संख्या बढ़ाकर 20 की जाएगी। जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डिप्टी डीईओ, खंड शिक्षा अधिकारी, बीईओ और डीपीसी नियमित दौरे कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर जमीनी सुधार सुनिश्चित करें।
मेन्यू के अनुसार ही तैयार होगा भोजन
मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिए गए कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार ही भोजन तैयार किया जाए। एक्सपायरी सामग्री का उपयोग न हो और विद्यार्थियों को समय पर संतुलित व पौष्टिक भोजन मिले। इसके लिए नियमित जांच और मॉनिटरिंग की जाएगी।
स्कूलों में पूरी हों मूलभूत सुविधाएं
शौचालयों की नियमित सफाई, कचरा प्रबंधन और परिसर की स्वच्छता में लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए। भवनों की मरम्मत, टूटी दीवारों, खिड़कियों और फर्नीचर को दुरुस्त करने के साथ खराब सीसीटीवी कैमरे तुरंत ठीक कराने को कहा गया।
सीसीडब्ल्यूएफ फंड से एक लाख तक खर्च की अनुमति
ड्यूल डेस्क की कमी दूर करने, लैब उपकरणों के रखरखाव, डिजिटल व स्मार्ट बोर्ड की मरम्मत तथा खेल सामग्री की खरीद के लिए सीसीडब्ल्यूएफ फंड से एक लाख रुपये तक खर्च की अनुमति दी गई है। अधिक राशि की आवश्यकता होने पर विभाग को प्रस्ताव भेजने के निर्देश हैं। प्रत्येक सप्ताह पीटीएम आयोजित करने और स्कूल प्रबंधन समिति से प्रस्ताव पारित कराने पर भी सहमति बनी।
स्कूल व्यवस्था में हर हाल में सुधार किया जाएगा। भोजन व अन्य व्यवस्थाओं की नियमित जांच होगी, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और स्वास्थ्य प्रभावित न हों।
- राकेश चराया, खंड शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक-2