वर्ष 2015 में धार्मिक भावनाओं को भड़काने के एक मामले में सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल के दो अनुयायियों को अदालत ने मंगलवार को 2-2 साल कैद की सजा सुनाई। अतिरिक्त मुख्य न्यायाधीश (पारिवारिक न्यायालय) अमनदीप दीवान की अदालत ने पलवल निवासी भरत सिंह और छगन को उपरोक्त सजा सुनाते हुए जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषियों को 6-6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
इस मामले में पीएलए चौकी के तत्कालीन प्रभारी एएसआई राम अवतार की शिकायत पर सिविल लाइन थाने में धारा 153, 153ए, 153(1)ए, बी, सी, 504, 505, 120बी के तहत केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार एसआई रामअवतार ने शिकायत में कहा था कि रामपाल के अनुयायियों ने 2 जून 2015 को शहर के टाउन पार्क में कबीर जयंती मनाने के बहाने लोगों को इकट्ठा किया है। उसे गुप्त सूचना मिली थी कि सतलोक आश्रम की योजना के अनुसार कुछ अनुयायी लोगों को बरगलाने के लिए इकट्ठा कर रहे हैं, जिसमें कबीर जयंती के बहाने समुदायों के बीच धार्मिक विवाद भड़काने और शांति भंग कर देश की अखंडता पर विपरीत प्रभाव डालने जैसा माहौल तैयार किया जाएगा, ताकि विभिन्न जातियों और समुदायों के बीच भय का माहौल बन जाए। इसी उद्देश्य के चलते लोगों में पुस्तकें और पर्चे बांट कर संविधान के खिलाफ दुष्प्रचार किया गया है। इस मामले में अदालत ने मंगलवार को दोनों दोषियों 2-2 साल कैद की सजा सुनाई।