अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सिरसा रोड स्थित राष्ट्रीय बीज फार्म में मूंग का बीज लेने पहुंचे व्यापारियों ने फार्म के कर्मचारियों पर बीज की बोरियों में घालमेल करने का आरोप लगाया। व्यापारियों ने रोष जताते हुए कहा कि हम तो पहले पैसे देकर फंस गए। बीज की जो बोरी दिखाई थी, वैसा माल बाकी बोरियों में नहीं है। मिट्टी-तूड़ी से भरी बोरियों के पैसे कौन देगा। इसके बाद व्यापारी फार्म के डिप्टी जनरल मैनेजर बीपी सिंह से मिलने पहुंचे और उनके समक्ष भी रोष जताया।
दरअसल, हर साल बीज विकास फार्म की ओर से ए, बी व सी ग्रेड के बीज बेचे जाते हैं। बी व सी ग्रेड के बीजों की खुली बोली लगती है। इसमें व्यापारी अपने-अपने हिसाब से बोली लगाते हैं, जिनका सबसे अधिक रेट आता है, उनसे पहले पैसे भरवाकर टेंडर दे दिया जाता है। इस बार भी 26 मार्च को बोली हुई थी। अब व्यापारियों का आरोप है कि कर्मचारी आपसी सांठगांठ करके अच्छे बीजों को बोरियों से निकालकर बाहर खुले में बेच देते हैं, जिससे उन्हें बड़ा मुनाफा होता है। बीजों से निकलने वाले कचरे-भूसे को बी ग्रेड की बोरियों में भरकर व्यापारियों को दे देते हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
बढ़िया बीज 5100 से 5200, बी-ग्रेड की बोली लगी 2935 रुपये में
जानकारी के अनुसार बढ़िया बीज की कीमत 5100 से 5200 रुपये प्रति क्विंटल होता है। बी-ग्रेड के बीज की बोली 2935 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लगाई गई है। बोली लेने वाले कन्हैयालाल-रोशनलाल फर्म के संचालक पवन कुमार, व्यापारी गोविंद कुमार ने आरोप लगाया कि 2935 रुपये में भी कचरा और मिट्टी भरी हुई है। खास बात यह है कि कचरा-मिट्टी भरा हुआ बीज सी-ग्रेड का होता है जबकि उन्होंने बोली बी-ग्रेड के बीज के लिए लगाई थी।
गोदाम इंचार्ज को नहीं पता डीजीएम का नाम
व्यापारियों की समस्या की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मीडियाकर्मियों ने जब बीज फार्म के गोदाम इंचार्ज जियालाल से मामले के बारे में पूछा तो उन्होंने कुछ बताने से इंकार कर दिया और इस संबंध में फार्म के डीजीएम से ही बात करने के लिए कहा। जब उनसे डीजीएम का नाम पूछा गया तो उन्होंने उनके नाम की जानकारी होने से ही मना कर दिया।
व्यापारियों को वही बीज दिए गए हैं, जिनकी बोली लगाई गई थी। कर्मचारियों के घालमेल जैसे आरोप पूरी तरह निराधार है। बाजार में जो बीज 5100-5200 रुपये प्रति क्विंटल बिक रहा है, उसे 2935 रुपये में दिया गया है, तो निश्चित रूप से उसकी क्वालिटी में कमी तो होगी ही। यह व्यापारियों को भी जानकारी होती है। बेवजह मामले को तूल दिया गया है।
- बीपी सिंह, डीजीएम, राष्ट्रीय बीज फार्म