अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। पूर्वांचल जन कल्याण संगठन समिति के तत्वावधान में मंगलवार को जिंदल सरोवर, जिंदल पार्क मिल गेट में छठ पूजा महापर्व धूमधाम से मनाया गया। अनेक लोग दंडवत करते हुए सरोवर स्थल पर पहुंचे। महापर्व के संरक्षक भगवान सूर्यदेव थे। छठ पूजा का मूल रूप यहां देखने को मिला। सूर्य संहिता द्वारा सूर्य षष्ठी महायज्ञ का आयोजन किया गया। आचार्य सुरेश प्रसाद मिश्र व आचार्य शिवपूजन मिश्र ने सूर्य के हजार नामों से आहुतियां डलवाईं। उन्होंने बताया कि बुधवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर चार दिवसीय महापर्व का समापन किया जाएगा।
अमृत योग में छठ व्रतियों ने सोना, चांदी, पीतल, एवं बांस के छाजों, जो, ढेकूआ, गुना, कसार, नारियल, अदरक, सेब, संतरा, शरीफा, सूचनी, मूली, गन्ना आदि अनेकानेक फलों से परिपूर्ण सूपों से अर्घ्य दिया। लोगों ने जल में प्रवेश कर सूर्य देवता की आराधना की। अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार में सुख-शांति एवं आरोग्य बनाए रखने की मन्नतें मांगी गईं। संगठन के प्रधान अनूप पाण्डेय ने बताया कि 11 लाख ज्योतों के साथ छठ मईया की महा आरती की गई। सचिव मुरलीधर पांडेय ने छठ मईया के इतिहास व महाव्रत के बारे में विस्तार से बताया। बच्चों ने छठी मईया के गीत गाकर उपस्थित लोगों को गुनगुनाने के लिए मजबूर कर दिया। शंभूनाथ, मुखलाल, भिखी व मुखत्यार गिरी आदि ने बताया कि दूर-दराज से हजारों लोगों ने सरोवर पर पहुंचकर श्रद्धा भाव से छठ मईया की पूजा-अर्चना की।
पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल हुईं शामिल
इस अवसर पर मुख्यातिथि के रूप में पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल ने उपस्थित होकर लोगों को छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं और जिंदल सरोवर की मरम्मत करवाने का आश्वासन दिया। अध्यक्षता विनोद साहनी ने की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में समाजसेवी अशोक गोयल मंगालीवाला, जगदीश जिंदल, रेखा सैनी, रेखा ऐरन, डीएम अनुज एफसीआई, पं. दर्शन कुमार कौशिक, गुलजार काहलो, रामनिवास राड़ा, धर्मेंद्र गोयल, स्वामी आनंद मुनि, स्वामी सर्वदानंद आर्य ने भाग लेकर उपस्थित लोगों को अपनी शुभकामनाएं दीं।