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डाकिये की हत्या करने पर तीन दोषियों को अंतिम सांस तक उम्रकैद

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
एडीजे आरके जैन की अदालत ने काजला गांव निवासी डाकिए पवन महाजन की गोली मारकर हत्या करने पर तीन दोषियों को उम्रकैद (अंतिम सांस तक कैद) और एक-एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषियों में काजला का सतीश, सुंडावास का सुनील उर्फ बागड़ी और मिर्चपुर का सुमित शामिल हैं। इसके अलावा दो लाख रुपये हर्जाने के तौर पर मृतक के आश्रितों को देने के आदेश दिए गए हैं। दोषियों को जुर्माना न भरने पर दो-दो साल की अतिरिक्त कैद काटनी होगी।
अग्रोहा थाना पुलिस ने इस संबंध में 7 फरवरी 2015 को केस दर्ज किया था। अदालत में चले अभियोग के अनुसार काजला गांव के आनंद ने पुलिस को बयान देकर बताया था कि वह 8 फरवरी 2015 को वह दुर्जनपुर गांव से बाइक पर गांव की तरफ लौट रहा था। रास्ते में गांव का पवन मिल गया। उसने उसे बाइक पर बिठा लिया। उसने पवन को घर के बाहर छोड़ा तो एक बाइक पर तीन युवक आए। एक युवक ने हेलमेट पहना हुआ था और दूसरे ने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था। युवकों ने आते ही पवन को पेट में गोली मार दी। जब मैंने विरोध किया तो मुझे पिस्तौल का बट मारकर घायल कर दिया। हमलावर बाद में मौके से फरार हो गए। घायल पवन को अग्रोहा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बाद में परिजन उसे गुरुग्राम के अस्पताल में ले गए थे, जहां उसने 16 मार्च को दम तोड़ दिया था। पुलिस ने घटना के बाद नामजद सतीश को गिरफ्तार किया था। उसने पूछताछ में बताया था कि वह 4 फरवरी 2015 को जमानत पर जेल से बाहर आया था। उसका सात फरवरी को पवन के साथ झगड़ा हुआ था। पवन ने अग्रोहा थाने में मेरे खिलाफ 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने की शिकायत दी थी। अगले दिन मैंने अपने दोस्त मिर्चपुर निवासी सुमित और सुंडावास निवासी सुनील उर्फ बागड़ी से संपर्क किया था। वे आठ फरवरी की रात को बाइक पर आए थे। सुनील बाइक चला रहा था, उसने हेलमेट पहन रखा था। सुमित पीछे मुंह पर कपड़ा बांधे हुए बैठा था। पवन दिखाई दिया तो मैं और सुमित उसके पास गए थे और पवन को गोली मारकर फरार हो गए थे।
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सुमित को पहले जज की गाड़ी जलाने पर हो चुकी है सजा
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मिर्चपुर गांव के नजदीक एक जज की गाड़ी जलाने के मुकदमे में अदालत आरोपी सुमित को पहले सजा सुना चुकी है। कार में आग लगाई तो जज, गनमैन और चालक बाहर कूद गए थे। पुलिस ने गनमैन की शिकायत पर केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था।
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