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हिसार से भिवानी 90 की स्पीड पर इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
रेलवे सेफ्टी कमिश्नर सुशील चंद्रा ने रेलवे के अधिकारियों को खूब फटकार लगाई। सिग्नल सिस्टम के अधिकारियों को डांटते हुए बोले मुफ्त की तनख्वाह लेते हो। आप लोग रेलवे के नाम पर कलंक हो। क्यों रेलवे को बर्बाद करने पर तुले हो। इस तरह से ही रेलवे का भठ्ठा बैठा दोगे क्या। कमिश्नर ने हिसार से मानहेरू तक रेलवे इलैक्ट्रिक रूट का निरीक्षण किया जिसमें उनको कई जगह खमियां मिली और कर्मचारियों और अधिकारियों की खूब खिंचाई की।
रेलवे सेफ्टी कमिशनर सुशील चंद्रा बुधवार को सुबह 8 बजे रेलवे स्टेशन पर निरीक्षण के लिए पहुंचे। इलेक्ट्रिक रूट की जांच से पहले उन्होंने स्टेशन पर किए गए हवन में आहुति डाली। इसके बाद पुराने रेलवे ब्रिज के नीचे से जांच अभियान शुरू किया। यहां रेलवे की कमिश्नर ने आरओबी की ऊंचाई को लेकर सवाल खड़े किए। सुशील चंद्रा रेलवे विद्युतीकरण के काम से संतुष्ट नजर नहीं आए। उन्होंने कहा कि यह ऐसे जुगाड़ से काम नहीं चलेगा।
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ऑपरेटिंग रॉड से जांचा करंट, जताई आपत्ति
ऑपरेटिंग रॉड और डिस्चार्ज रॉड के जरिये बिजली करंट की जांच की जिसमें बिजली की तारों की ऊंचाई कम मिलने पर भी सुशील चंद्रा ने जवाब मांगा। स्टेशन के पास लाइन नंबर दो पर भी सीआरएस ने कई आपत्ति जताई।
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पटरियों पर कटी हुई तार देखकर भड़के
सीआरएस ने रेलवे स्टेशन के पास कुछ तार पटरियों के पास कटी हुई देखी तो अधिकारियों पर भड़क गए। सुशील चंद्रा ने कहा कि ये तार यहां कटी क्यों है। अधिकारी बोले सर सिग्नल की पुरानी तारें हैं। अब यूज में नहीं हैं। सीएसआर ने पूछा बिजली वाले कहां हैं। मुफ़्त की तनख्वाह लेते हो। अगर यह लाइन यूज में नहीं तो इसे यहां क्यों डाल रखा है।
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...रेवाड़ी में आपने भट्ठा बैठा दिया था, यहां भी पूरा काम नहीं किया
इसके बाद कमिश्नर जांच करने के लिए सिग्नल के पास पहुंच गए। सिग्नल पर लगी लाइट देखकर बोले यह इतनी घटिया क्वालिटी की लाइट कैसे लगी। इसे तो रेलवे मंजूर नहीं करता। इसके बाद सिग्नल बाक्स को खोल कर देख लिया। सिग्नल बॉक्स में रखी बैटरी देखकर कमिश्नर को फिर गुस्सा आया। कमिश्नर बोले राहुल जी रेवाड़ी में आपने भठ्ठा बैठा दिया था, यहां भी पूरा काम नहीं किया। मुझे यहां की ड्राइंग दिखाओ। इस बीच डीआरएम एके दुबे कुछ जवाब देने लगे तो कमिश्नर बोले डीआरएम साहब, आप इन लोगों को बचाने की कोशिश मत करो। ये लोग बच नहीं सकेंगे। दूसरा सिग्नल बॉक्स देखा तो कमिश्नर बोले, आप लोगों को संन्यास ले लेना चाहिए। डिप्टी साहब कोसली सेक्शन पर भी इसी तरह का बेकार काम मिला था। यह रेलवे की प्रॉपर्टी है इसे बर्बाद मत करो। पिछली बार छोड़ दिया था। इस बार नहीं बचोगे। मुस्करा कर चले जाते हो। मुफ्त की तनख्वाह लेते हो। ड्यूटी नहीं करते शर्म आनी चाहिए। आप मुझे लिखकर दीजिए यह काम कब तक पूरा कर देंगे।
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विद्युतीकरण का क्या होगा फायदा
1 ट्रेनों की औसत गति में बढ़ोतरी होगी
2. डीजल इंजन के धुएं से होने वाले प्रदूषण से मुक्ति
3. विद्युत इंजनों की लोड क्षमता अधिक होने के कारण अधिक भार वहन
4. अधिक ट्रेनों का संचालन संभव
5. अत्याधुनिक टेक्नॉलॉजी के उपयोग के कारण अधिक सुविधाएं मिलेंगी
6. ईंधन आयात पर निर्भरता में कमी
7. इलेक्ट्रिक गाड़ियों के आने से डीजल गाड़ियों से निजात
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90 की स्पीड पर इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल
सीआरएस की टीम ने 55 अधिकारियों के साथ हिसार से मानहेरू 76.50 किमी रेलवे इलेक्ट्रिक रूट का मुआयना 90 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड पर किया जिसमें बीच में आने वाले सभी आरओबी, आरयूबी, स्टेशन, हाल्ट पर सुरक्षा के मानकों को जांचा गया। सुबह करीब 11 बजे हिसार से रवाना होकर तीन बजे भिवानी पहुंची। शाम करीब 8:11 पर ट्रेन इलेक्ट्रिक भिवानी से हिसार के लिए रवाना हुई। रात 9:10 मिनट पर ट्रेन हिसार रेलवे स्टेशन पर पहुंची।
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