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बस अड्डे पर मिली थी मूक-बधिर युवती, व्हाट्स एप ने परिजनों से मिलवाया

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बस अड्डे पर मिली थी मूक-बधिर युवती, व्हाट्स एप ने परिजनों से मिलवाया
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
पुलिस और सोशल मीडिया की मदद से परिवार से बिछुड़ी 30 साल की मूक-बधिर युवती परिजनों से मिल पाई है। दो सप्ताह पहले बस अड्डे पर मिली युवती रेवाड़ी की है और वह दिल्ली के नांगलोई में शादीशुदा है। वह कैसे रास्ता भटककर यहां पहुंची, उसके मूक-बधिर होने के चलते यह स्पष्ट नहीं हो पाया।
बस स्टैंड चौकी इंचार्ज सूरजभान को आठ सितंबर को अड्डा परिसर में एक युवती लावारिस हालत में मिली थी। पुलिस को पूछने पर पता चला कि वह मूक-बधिर है। उसके बाद पुलिस ने युवती को वन स्टॉप सेंटर में छोड़कर उसके परिजनों की तलाश शुरू कर दी थी। सीपीओ सुनीता यादव ने 20 सितंबर को एसडीएम के सामने पेश किया था, जहां से उसे कैमरी के आश्रम में भेजा गया था।
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पुलिस ने परिजनों की तलाश में भरसक प्रयास करते हुए युवती का आधार कार्ड बनवाया, ताकि आधार कार्ड से पहचान हो सके। पुलिस ने व्हाट्स ऐप ग्रुप में उसका फोटो डाला। एक रिश्तेदार ने व्हाट्स एप पर फोटो को पहचान लिया। उसने तुरंत व्हाट्स ऐप नंबर पर संपर्क कर जल्द आने की बात कही। रेवाड़ी और नांगलोई से माता-पिता, भाई, मामा, पति मुकेश कुमार और उसके दोनों बच्चे हिसार पहुंचे। रेवाड़ी निवासी रमेश कुमार ने बताया कि उसकी बेटी का नाम कविता है। उसकी शादी नांगलोई के मुकेश के साथ की थी। उनके दो बच्चे हैं। परिजन युवती को लेकर यहां से रवाना हो गए।
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