अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
भ्रष्टाचार मामले में घिरे नगर निगम के अधिकारियों की विजिलेंस ने जांच शुरू कर दी है। विजिलेंस के डीएसपी टीम के साथ वीरवार को निगम कार्यालय में जांच करने पहुंचे। डीएसपी ने बिल्डिंग ब्रांच और ऑडिट के डिप्टी डायरेक्टर से संबंधित रिकॉर्ड मांगा। विजिलेंस टीम आने की सूचना से पहले ही निगम अधिकारियों में हड़कंप मच गया। बिल्डिंग ब्रांच और ऑडिट के अधिकारी छुट्टी पर मिले।
विजिलेंस टीम रिकॉर्ड लेने संबंधित करीब एक घंटे तक निगम कार्यालय में बैठी रही। इसके बाद उन्होंने कमिश्नर अशोक बंसल से मुलाकात की। कमिश्नर से मुलाकात करने के बाद टीम लौट गई। उन्होंने दोनों ब्रांचों से रिकॉर्ड की मांग की। अधिकारियों ने कहा कि आपको जो रिकॉर्ड चाहिए, वह हमें लिखित में दे दो। उसके बाद आपको रिकॉर्ड उपलब्ध करवा दिया जाएगा।
डिप्टी डायरेक्टर की गलत तरीके से प्रमोशन मामले की होगी जांच
विजिलेंस टीम से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि ऑडिट के डिप्टी डायरेक्टर पर भ्रष्टाचार केस मामले और गलत तरीके से प्रमोशन लेने के मामले की जांच की जानी है। सूत्रों ने दावा किया है कि शिकायतकर्ता का आरोप है कि डिप्टी डायरेक्टर की प्रमोशन पूरी तरह गलत तरीके से हुई है। दूसरा पार्षद से लेकर ठेकेदार सरेआम इन पर पैसे लेने का आरोप लगा चुके हैं। वार्ड 11 में आरएवाई स्कीम के तहत आवास बनाने के लिए मिलने वाले फंड की फाइलें रोकने के मामले में भी जांच की जाएगी। इस मामले की जांच कमिश्नर की चिट्ठी पर ऑडिट के ज्वाइंट डायरेक्टर भी कर रहे हैं।
30 को है रिटायरमेंट
डिप्टी डायरेक्टर ऑडिट की 30 दिसंबर को ही रिटायरमेंट है। रिटायरमेंट से पहले विजिलेंस की दस्तक ने डिप्टी डायरेक्टर की परेशानी बढ़ा दी है। जब तक जांच नहीं होती, तब तक रिटायरमेंट पर मिलने वाला फंड का पैसा रुक जाएगा। अगर मामले में डिप्टी डायरेक्टर दोषी पाए तो रिकवरी भी डाली जा सकती है।
एक नहीं तीन बिल्डिंग्स के मामले में होगी जांच
बिल्डिंग ब्रांच में भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस टीम ने रिकॉर्ड मांगा है। विजिलेंस टीम के पास एक नहीं तीन बिल्डिंग्स मामले में भ्रष्टाचार करने की शिकायत है। शिकायत में मिर्जापुर रोड, ऋषि नगर एरिया और सिविल लाइन एरिया की एक बिल्डिंग शामिल है। विजिलेंस सूत्रों ने दावा किया है कि तीनों मामले में कहीं न कहीं कनेक्टिविटी है। जिस व्यक्ति ने मिर्जापुर रोड की बिल्डिंग मामले में सेटिंग करवाई थी, इनमें भी वही व्यक्ति शामिल है।
विजिलेंस डीएसपी आए थे। उन्होंने रिकॉर्ड मांगा है। उन्हें जो रिकॉर्ड चाहिए, वो लिखित में दे देंगे। हम वो रिकॉर्ड उपलब्ध करवा देंगे। -अशोक बंसल, कमिश्नर नगर निगम