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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
शहर में सांसद निधि से लगाए गए 41 सीसीटीवी में से दिन में केवल 11 कैमरे ही काम करते हैं। 30 कैमरे रात को ही चालू होते हैं क्योंकि उनका कनेक्शन नगर निगम की स्ट्रीट लाइट से जुड़ा है। इसलिए वे स्ट्रीट लाइट जलने के समय शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे तक काम करते हैं। सांसद निधि कोष से पुलिस प्रशासन ने ये कैमरे अपराध पर लगाम लगाने के लिए लगाए थे। लेकिन सारे कैमरे 24 घंटे काम न करने से उनको लगाने का सारा मकसद पूरा नहीं हो पा रहा है।
सांसद दुष्यंत चौटाला की सांसद निधि से पुलिस प्रशासन ने करीब पांच महीने पहले शहर के मुख्य चौक और चौराहों पर 41 सीसीटीवी लगाए थे। इन सीसीटीवी का मुख्य केंद्र जिला पुलिस का कंट्रोल रूम बनाया गया है। पुलिस को यकीन था कि शहर में होने वाले अपराध पर इन सीसीटीवी की माध्यम से नजर रखी जाएगी और अपराध में कमी आएगी। लेकिन इन कैमरों में से केवल 11 ही रोज 24 घंटे काम करते हैं। बाकी 30 केवल शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे तक काम करते हैं। इन 30 सीसीटीवी का कनेक्शन नगर निगम द्वारा संचालित स्ट्रीट लाइट के साथ है। निगम कर्मी शाम को अंधेरा होने पर स्ट्रीट लाइट ऑन करते हैं तो ये कैमरे चालू होते हैं। सुबह पांच बजे शहर की स्ट्रीट लाइट ऑफ होने पर कैमरे ऑफ हो जाते हैं।
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सांसद दुष्यंत चौटाला ने यह प्रोजेक्ट शुरू होने के समय नगर निगम को बिजली मीटर लगवाकर उनसे सीसीटीवी जोड़ने के आदेश दिए थे। मगर निगम साढे़ चार महीने बीतने पर आज तक यह कार्रवाई अमल में नहीं ला सका। यदि मीटर लगवाया जाता तो सभी 41 सीसीटीवी रोज 24 घंटे चालू रहते और उनको लगाने का मकसद पूरा हो पाता। शहर में 15 लाख रुपये की लागत से सीसीटीवी लगवाए गए हैं। कैमरे लगाते समय बिजली के बैकअप के लिए यूपीएस खरीद का एस्टीमेट उसमें नहीं जोड़ा था। इसलिए यंत्र की खरीद नहीं हुई थी और बिना यंत्र के कैमरे लगवा दिए थे।
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यहां लगे हैं सीसीटीवी
कैंप चौक, डाबड़ा चौक, जिंदल चौक, राजगढ रोड नाका, बरवाला चुंगी, पारिजात चौक, सिरसा बाईपास, मिलगेट चौकी, पुरानी सब्जी मंडी चौक आदि जगह प्रमुख हैं। व्यस्त चौराहे पारिजात चौक और जिंदल चौक पर दो-दो कैमरे लगाए गए हैं।
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निगम की ओर से लगाया हुआ यहां पर कोई भी कैमरा काम नहीं कर रहा। मार्केट के दुकानदारों ने खुद की पैसे से सीसीटीवी लगवा रखे हैं। इसके जरिए हम यहां पर निगरानी रख रहे हैं। निगम के पहले लंबे समय से खराब पड़े हैं।
-अक्षय मलिक, प्रधान ,राजगुुुुरु मार्केट ऑर्गेनाइजेशन
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सीसीटीवी कैमरों का परिणाम शून्य प्रतिशत है। निगम की ओर से लगाए गए सभी कैमरे बंद पड़े हैं। जो एक आध चल रहा होगा उसकी सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग आज तक कोई भी काम नहीं आई है। रिकॉर्डिंग बहुत कम गुणवत्ता की होती है जिसकी वजह से एक भी केस हल नहीं हो पाया है।
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-गौतम सरदाना, अध्यक्ष , जनसंघर्ष समिति, हिसार।
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बाजार में लगे सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग रात के समय किसी काम की नहीं। नाइट विजन कैमरे लगाए जाने चाहिएं। अधिकतर जगह कैमरे बंद रहते हैं। अब शहर के प्रमुख चौराहों के कैमरे ही बंद हैं तो बाकी की हालत का अंदाज खुद लगा लो।
-राजकुमार, मैनेजर, स्वास्तिक गैस एजेंसी, हिसार।

अपराध पर कैसे लगेगी लगाम, दिन निकलते ही शहर के 41 में से 30 कैमरे हो जाते हैं बंद
पेज छह की लीड-- फोटो नंबर 27,56
पासपोर्ट साइज फोटो --40,41,44 सहित
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दिन में चलते हैं केवल 11 कैमरे
स्ट्रीट लाइट से कनेक्शन होने के कारण रात को ही करते हैं सारे काम
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