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रोडवेज कर्मचारियों ने बस अड्डा परिसर में धरना देकर विरोध जताया

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
रोडवेज कर्मचारी यूनियनों ने बस अड्डा परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा को अब तक की सबसे क्रूर सरकार बताया। चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कर्मचारियों को कच्चा करने का लेटर जारी किया तो किसी भी समय चक्का जाम हो सकता है।
परिवहन विभाग की ओर से करीब 8200 कर्मचारियों को फिर से कच्चा करने, निजीकरण के बढ़ावा देना, लंबी दूरी की परिवहन सेवाओं को बंद करने, परिवहन पॉलिसी 2017 सहित अन्य मांगों को लेकर रोडवेज यूनियनों ने शुक्रवार को प्रदर्शन किया। सुबह 11 से शाम 3 बजे तक धरना दिया। रोडवेज की सभी आठ यूनियनों ने एक मंच पर आकर संघर्ष का ऐलान किया है। यूनियनों ने चेतावनी दी कि यदि पक्के हो चुके कर्मचारियों को पुन: कच्चा मानने का पत्र लागू किया गया तो किसी भी समय चक्का जाम किया जा सकता है। 28 दिसंबर के चक्का जाम का नोटिस भेज दिया है। यूनियनों ने प्रदेश की भाजपा सरकार को अब तक की सबसे क्रूर सरकार बताया। यूनियनों की ओर से सीएम, परिवहन मंत्री, विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं परिवहन आयुक्त को हड़ताल के नोटिस भेजे गए हैं। धरने को जयभगवान बड़ाला, देशराज वर्मा, कीमत ढांडा, रामसिंह बिश्नोई, सतपाल डाबला, विजय सिवाच, अजमेर सावंत, रमेश यादव, नंदकिशोर, कृष्ण नहला, रोहताश फरीदपुर, रोडवेज रिटायर कर्मचारी संघ के राजबीर सिंधु, का. रूप सिंह आदि ने भी संबोधित किया
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नोटिस में भेजी 16 मांगें और समस्याएं
रोडवेज ज्वाइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य हरिनारायण शर्मा, दलबीर किरमारा, अनूप सहरावत, बाबूलाल यादव और जयभगवान कादियान ने कहा कि नोटिस में 16 मांगें और समस्याएं भेजी हैं। सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो प्रदेश के कर्मचारी 28 दिसंबर को चक्का जाम करने को बाध्य होंगे
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लेटर आया तो किसी भी समय चक्का जाम
रोडवेज कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान राजपाल नैन ने कहा पक्के किए गए 8200 चालकों-परिचालकों अस्थायी कर्मचारी करने का लेटर जारी किया तो किसी भी चक्का जाम कर सकते हैं।
कर्मचारियों की मांगें
-इंटर स्टेट बसें सर्विस चालू रखी जाएं।
-2016 में भर्ती चालकों और डाटा एंट्री ऑपरेटर को पक्का करें।
-1992 से 2003 के बीच लगे सभी कर्मचारी पक्के किए जाएं।
-वर्कशॉप में शेष बचे सभी कर्मचारियों को तकनीकी स्केल दें।
- दादरी डिपो में हटाए गए 52 कर्मचारियों की बहाली की जाए।
-कच्चे कर्मचारियों को समान काम-समान वेतन दिया जाए।
- सातवें वेतनमान अनुसार सभी भत्ते तुरंत लागू करें।
- दो वर्ष के बकाया बोनस का भुगतान करें।
--सभी तरह की वेतन-विसंगतियां दूर की जाएं।
- कर्मचारियों को जोखिम भत्ता दिया जाए।
- परिवहन मंत्री और यूनियनों के बीच हुए समझौते को लागू करें।
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