जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर ने वर्ष 2008-09 में अदालत में शिकायत दायर की थी। इसके बाद मामले में लंबे समय तक सुनवाई चली। करीब 18 साल बाद गुरुवार को अदालत ने कंपनी से जुड़े तीन अधिकारियों मुकेश, महेश और निलेश को दोषी करार दिया।
अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश पुनीत सहगल की अदालत ने दवा की गुणवत्ता से जुड़े करीब 18 साल पुराने मामले में गुजरात की दवा निर्माता कंपनी लिंकन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के तीन अधिकारियों को दोषी करार दिया है। अदालत दोषियों को 9 अक्टूबर 2026 को सजा सुनाएगी।
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मामला वर्ष 2008 का है। तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर सुरेश चौधरी ने दवा का नमूना लेकर उसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था। जांच में दवा में एबीटोल साल्ट निर्धारित मात्रा से करीब 20 प्रतिशत कम पाया गया था। एबीटोल का उपयोग भूख बढ़ाने वाली दवा के तौर पर किया जाता है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन ड्रग इंस्पेक्टर ने वर्ष 2008-09 में अदालत में शिकायत दायर की थी। इसके बाद मामले में लंबे समय तक सुनवाई चली। करीब 18 साल बाद गुरुवार को अदालत ने कंपनी से जुड़े तीन अधिकारियों मुकेश, महेश और निलेश को दोषी करार दिया। अब सभी की सजा पर 9 अक्टूबर को अदालत फैसला सुनाएगी।