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इंटर लाकिंग सड़क निर्माण में 9.53 लाख बजट में 3.

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इंटर लॉकिंग सड़क निर्माण में 9.53 लाख बजट में 3.80 का भ्रष्टाचार, एसआईटी ने सरकार को भेजी रिपोर्ट
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- जिला प्रशासन की एसआईटी ने किया निरीक्षण, सैंपल भरे
- जेई नहीं बता पाए किस गली का कराया निर्माण
- मौके पर तय मानकों से कम रोड़ा डालकर लगाया चूना
अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। चंडीगढ़ विजिलेंस द्वारा मिले निर्देश के अनुसार एडीसी की अध्यक्षता में बनी एसआईटी ने हांसी में गली निर्माण का निरीक्षण कर सैंपल भरे। टीम ने मौके पर भारी अनियमितताएं पाई। साढे़ नौ लाख रुपये के काम में करीब पौने चार लाख रुपये की अनियमितताएं मिलने की रिपोर्ट सरकार को भेजी है।
हांसी के कुछ लोगों ने गली निर्माण को लेकर विजिलेंस को शिकायत भेजी थी। जिसके बाद चंडीगढ़ विजिलेंस ने जिला प्रशासन को एसआईटी बनाकर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। डीसी अशोक कुमार मीणा ने एडीसी एएस मान की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया। टीम में जिला परियोजना अधिकारी राजकुमार नरवाल, सर्व शिक्षा अभियान के एसडीओ लीलूराम, हांसी नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी एसके चौहान, हांसी नगर पालिका के अभियंता देवेंद्र गक्खड, तथा रोहिणी सहकारी वित्तीय सहकारी समिति के प्रतिनिधि संदीप को साथ लेकर मौके का मुआयना किया।
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टीम ने अचानक पहुंचकर हांसी नगर परिषद के लेखा विभाग का रिकार्ड खंगाला। जिसमें एस्टीमेट तथा टेंडर के रेट में अंतर पाया गया। संतलाल के घर से भगत सिंह वाली गली के निर्माण के लिए आठ लाख रुपये का एस्टीमेट बनाया गया था। इसका टेंडर कंपनी को नौ लाख 50 हजार रुपये में दिया गया। यह कार्य रोहिणी सहकारी वित्तीय समिति लिमिटेड सुुंदर नगर को सौंपा गया। रिकार्ड में कोई संशोधित एस्टीमेट भी नहीं पाया गया।

जेई नहीं बता सके कौन सी गली का निर्माण कराया
नगर पालिका के जेई यह भी नहीं बता सके कि भगत सिंह वाली गली कौन सी है। जिसका नौ लाख 53 हजार रुपये का कार्य सौंपा गया है। इससे साबित हुआ कि अभियंता ने निर्माण कार्य के दौरान कभी मौके का मुआयना नहीं किया। कार्यालय में बैठकर ही ठेकेदार के बिलों का भुगतान कर दिया।

पांच साल पहले ही बनी थी कंकरीट सड़क
टीम ने मौके का मुआयना कर लोगों से बातचीत कर उनका फीडबैक लिया। जिसमें पाया गया कि करीब पांच साल पहले ही कंकरीट सड़क का निर्माण किया गया था। इस गली पर इंटर लॉकिंग सड़क बनाने की बजाए कंकरीट की सड़क को ही रिपेयर कराया जाना चाहिए था। पेवर ब्लाक की सड़क बनाने से गली का लेवल ऊंचा हो गया। लोगों के घर नीचे चले गए। नियमों के अनुसार कंकरीट की सड़क की आयु 20 से 30 साल होती है। सरकार के 9.50 लाख खर्च करने के बावजूद लोगों की नाराजगी सहनी पड़ी।

कम रोड़ा डालकर लगाया चूना
टीम ने मौके पर रोड़ा डाले जाने की पैमाइश की। जिसमें पाया गया कि 1.25 और एक घनफिट रोड़ा कम डाला गया। जिससे सरकार को करीब एक लाख 30 हजार रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

कहां-कहां मिली गड़बड़ी
एस्टीमेट से ज्यादा पैसा
इस कार्य के लिए आठ लाख रुपये का एस्टीमेट दिया था। जिसमें करीब नौ लाख 50 हजार रुपये का भुगतान किया गया। यहां करीब डेढ़ लाख रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

कंकरीट सड़क तोड़ने और मलबा हटाने के नाम पर 94 हजार
यहां कंकरीट की सड़क को तोड़ने और मलबा ढोने का खर्च 94 हजार रुपये बताया गया है। यहां कंकरीट की रोड को तोड़ने की बजाए उसी पर मिट्टी डालकर पेवर ब्लाक की सड़क का निर्माण कराया गया।

कम रोड़ा डालकर 1.33 लाख की चपत
मौके पर तय मानक से कम रोड़ा डाला गया। जिसमें करीब एक लाख 33 हजार रुपये का नुकसान किया गया है। यहां रोड़ा कम डालने के बारे में सैंपल भी लिए गए हैं। इसकी फोटो भी अधिकारियों ने भेजी है।
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कमेटी के अनुसार करीब 9.53 लाख रुपये के कार्य में करीब 3.80 लाख रुपये का घालमेल किया गया है। कमेटी ने सभी दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
एएस मान, एडीसी, हिसार।
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