अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
आसाराम पर फैसला आने के बाद हिसार स्थित उनके दोनों आश्रमों में सन्नाटा पसरा रहा। कुछ समर्थकों ने सुबह अदालत का फैसला आने से पहले सिरसा रोड स्थित आश्रम में हवन किया। सुरक्षा के लिहाज से आश्रम के बाहर पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
बगला रोड पर नहर के पास आसाराम का करीब छह एकड़ में आश्रम है। यह आश्रम 21 साल पहले बनाया गया था जिसमें आसाराम के प्रवचनों के लिए स्थायी शेड बनाया गया है। आसाराम के रहने के लिए एक स्पेशल कुटिया है जिसमें किसी भी अन्य को रहने का अधिकार नहीं है। आश्रम के केयर टेकर रंजित ने बताया कि इस आश्रम में आसाराम केवल एक बार ही आए थे। यहां कभी-कभी प्रवचन होते हैं। आश्रम की पूरी संपत्ति ट्रस्ट के नाम है। आश्रम में बुधवार को एक भी समर्थक नहीं पहुंचा।
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सिरसा रोड पर करीब तीन एकड़ में है दूसरा आश्रम
आसाराम का दूसरा मुख्य आश्रम सिरसा रोड पर है। करीब तीन एकड़ में बने इस आश्रम में आसाराम कई बार आए हैं। प्रवचनों के लिए बने शेड में आसाराम के लिए एक बड़ा कांच का कक्ष बना हुआ है जिसमें बैठकर आसाराम प्रवचन करते थे। उड़ीसा निवासी संतोष इस आश्रम के केयर टेकर हैं। संत आसाराम का फैसला आने से पहले उन्होंने बुधवार को मौन व्रत धारण किया था। उनके सहायक मनीष ने बताया कि सुबह के समय यहां हवन यज्ञ किया था। इसके बाद समर्थक वापस चले गए। यहां हर रविवार को सुबह 10 से 12 बजे तक प्रवचन होते हैं। आश्रम की संपत्ति ट्रस्ट के नाम है।
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एक कंपनी को रखा अलर्ट पर
पुुलिस अधीक्षक ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एक कंपनी को अलर्ट पर रखा था। इस कंपनी को पुलिस लाइन में तैनात किया गया था। जरूरत पड़ने पर इस कंपनी को मौके पर भेजा जाना था। फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस, वज्र वाहन, क्रेन को भी अलर्ट पर रखा था।
मेन आश्रम पर लगी सुरक्षा
आसाराम के सिरसा रोड स्थित आश्रम पर सुबह के समय पुलिस की गाड़ी भेजी गई थी। बेहद कम समर्थक मौजूद थे। हवन के बाद यह समर्थक भी लौट गए थे। इसके बाद पुलिस बल के अधिकतर कर्मचारी वापस लौट गए। केवल दो पुलिस कर्मियों को यहां रखा गया।