अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हिसार और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार रात्रि और बुधवार सुबह हुई 2.4 एमएम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी। बारिश से तापमान में जरूर गिरावट आई। मगर किसानों की गेहूं व सरसों की फसल भीगने से उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ा। वहीं अनाज मंडी आई सरसों को गीली बताकर हैफेड अधिकारियों ने खरीदने से इंकार कर दिया। जिसके बाद किसानों ने काफी देर तक अधिकारियों को घेरे रखा। बाद में अधिकारियों ने समझा-बुझाकर किसानों को शांत करवाया।
खेतों में कटी हुई गेहूं की फसल भीगी
इस समय ज्यादातर किसानों के खेतों में गेहूं की फसल काट रखी है। काफी किसान गेहूं निकलवाने में जुटे हुए हैं। ऐसे में बारिश के कारण खेतों में रखी गेहूं भीग गई। खासकर उन किसानों को अधिक दिक्कत हुई जो अपनी फसल लेकर मंडी में बिकने का इंतजार कर रहे थे। हालांकि हिसार की मंडी में जलभराव नहीं हुआ। अगर कई देर तक तेज बारिश होती तो जरूर सरसों की ढेरियां भीग जाती। अनाज मंडी में पुख्ता प्रबंध न होने की किसानों ने शिकायत की। किसानों का कहना है कि बारिश से गेहूं की ढेरियों को भीगने से बचाने के लिए प्रशासन की तरफ से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। बेसहारा पशुओं की रोकथाम के भी कोई प्रबंध नहीं कर रखे। बेसहारा पशु गेहूं की ढेरियों में मुंह मारते रहते हैं। उनका कहना था कि गेहूं की ढेरियां खुले में पड़ी है। ज्यादा शैड न होने से हमेशा ऐसे मौसम में फसल खराब होने का डर बना रहता है।
और बारिश हुई तो बिगड़ेंगे हालात
किसानों का कहना है कि अगर भारी बारिश होती है तो उन्हें सबसे अधिक समस्या होगी। अनाज मंडी में हालात अधिक बिगड़ेंगे। आढ़तियों द्वारा भी नया शैड बनवाने की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक उनकी मांग पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। किसानों ने कहा कि हर बार स्थिति ऐसी होती है, लेकिन अधिकारी व प्रदेश सरकार के स्तर पर कोई उचित प्रबंध नहीं किया जाता है। सिर्फ कागजी बयानबाजी ही होती है।
गिरा अधिकतम तापमान
बारिश होने के कारण मौसम में ठंडक महसूस की गई। अधिकतम तापमान में भी गिरावट आई। बुधवार को भारतीय मौसम विभाग के अनुसार दोपहर का तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बारिश 2.4 एमएम दर्ज की गई है।
----------
बारिश से अनाज मंडी में आया गेहूं भीगा
मंडी आदमपुर। दो दिनों से खराब मौसम के चलते किसानों व व्यापारियों की चिंता की लकीरे साफ दिखाई दे रही थी वहीं बुधवार दोपहर हुई हल्की बरसात से अनाजमंडी व कपास मंडी में खुले में पड़ी गेहूं की फसल भीग गई। हालांकि बरसात शुरू होते ही दुकानदारों ने गेहूं की ढेरियों पर तिरपाल ढ़कने का काम किया, लेकिन जब तक तिरपाल ढके जाते अधिकतर ढेरियां भीग चुकी थी। वहीं मौसम के बदले मिजाज से किसान भी अच्छे खासे परेशान है। फसलों की कटाई व कढ़ाई प्रभावित हो रही है। मौसम खराब होने के कारण ना तो किसान गेहूं की फसल की कटाई कर सके और ना कटी फसल को निकाल सके। किसान रामस्वरूप, रामजीलाल, रामेश्वर, प्यारेलाल, भलेराम, रामसिंह, छोटुराम,ओमप्रकाश, जवाहरलाल आदि ने बताया कि इन दिनों किसानों ने गेहूं फसल की कटाई शुरू कर रखी है। आंधी व हल्की बरसात से कटाई प्रभावित हुई है वहीं मंडी में खरीद शुरू हो गई हैं तो निकाली गई गेहूं बेचने के लिए भी आना पड़ता हैं लेकिन बारिश के कारण सारी व्यवस्था चौपट हो गई।
--------------
21423 क्विंटल गेहूं खरीदा
खरीद एजेंसियों ने 11 अप्रैल को दस हजार क्विंटल गेहूं की खरीद की। अब तक 21हजार 423 क्विंटल गेहूं खरीदा है जिसमें खाद्य आपूर्ति विभाग 9219, हैफेड ने 11884 क्विंटल, वेयर हाउसिंग 520 क्विंटल गेहूं खरीदा है।