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ग्लैंडर्स मिलने पर पांच घोड़ों को मारने के आदेश

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
घोड़ों में ग्लैंडर्स की बीमारी मिलने पर पांच घोड़ों को मारने के आदेश जारी हुए हैं। राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र की ओर से यह आदेश जारी किए गए हैं। इस बार में उप पशु निदेशक ने शनिवार को मीटिंग बुलाई है।
महाबीर कॉलोनी के एरिया में पिछले दिनों ग्लैंडर्स रोग के लक्षण मिलने पर 11 पशुओं के सैंपल लिए गए थे। यहां पशुबाड़े से यह सैंपल लिए गए थे। सभी सैंपल जांच के लिए हिसार स्थित राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र में भेजे गए थे। शुक्रवार को केंद्र की ओर से यह रिपोर्ट जारी की गई। इसमें पांच घोड़ों को ग्लैंडर्स की पुष्टि की गई। यह पुष्टि होने के बाद केंद्र की ओर से इन पशुओं को मारने के आदेश भी दिए गए हैं। इस बीमारी का कोई उपचार नहीं है। बीमारी होने पर पशु को मारना ही अंतिम विकल्प है। यह बीमारी संक्रमण के जरिये दूसरे पशुओं में फैलती है। इस कारण पशुओं को मारने का फरमान जारी किया जाता है।
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ग्लैंडर्स का खतरा....
राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. बीएन त्रिपाठी ने बताया कि ग्लैंडर्स बीमारी पशुओं से मानव में फैल सकती है। इससे व्यक्ति की मौत हो सकती है। इस कारण प्रभावित पशुओं से दूरी रखनी चाहिए।
यह है ग्लैंडर्स
ग्लैंडर्स बीमारी बल्कोलडेरिया मेलिआई नाम के वायरस से फैलती है। यह एक संक्रामक बीमारी है। इसकी चपेट में आने के बाद घोड़ों को सांस लेने में दिक्कत होती है और नाक से पानी आने लगता है। धीरे-धीरे उनके शरीर पर गांठें बनती हैं। यह गांठें फूलने के बाद सड़ने लगती है। इससे घोड़े की मौत हो जाती है। बीमारी का पता चलते ही घोड़ों को इंजेक्शन लगाकर मार दिया जाता है। संक्रमण को रोकने के लिए जानवर की मौत के पांच किलोमीटर के दायरे में सभी घोड़ों के सैंपल भरवाकर जांच को भेजे जाते हैं।

राष्ट्रीय अश्व अनुसंधान केंद्र की ओर से सैंपल रिपोर्ट आई है। इसमें पांच पशुुओं को ग्लैंडर्स होने की पुुष्टि की गई है। पशुओं को मारने के बारे में शनिवार को मीटिंग में फैसला लिया जाएगा। इस बारे में आला अधिकारियों के साथ बैठक होगी।
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-मोती लाल शर्मा, उप निदेशक, पशुपालन विभाग हिसार

पांच किलोमीटर एरिया में लिए जाएंगे सैंपल
ग्लैंडर्स को लेकर जिला प्रशासन की ओर से गाइड लाइन के अनुसार काम होगा। इसमें इस बीमारी से प्रभावित पशुओं की जांच के लिए बीमार पशुओं के बाडे़ के चारों ओर पांच किलोमीटर एरिया में सैंपल लिए जाएंगे।
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