अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
बिहार के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने किसान अब लगातार गरीब होता जा रहा है। किसान की खरीद की ताकत कम हो रही है। तरक्की के लिए जातीय मतभेदों को ऊपर उठकर किसानों को एकजुट होने की जरूरत है। किसानों को उसकी फसलों के पूरे भाव नहीं मिल रहे। किसान का फसलों पर खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को अपने हक के लिए लड़ना होगा। जिस दिन लड़ना सीख जाएंगे, उस दिन सभी सरकार झुक जाएंगी।
एचएयू में चौधरी चरण सिंह की जयंती पर शनिवार को आयोजित किसान दिवस समारोह में राज्यपाल सत्यपाल मलिक बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। सत्यपाल मलिक ने कहा कि मैंने चौधरी चरण सिंह के सानिध्य में रहकर ही राजनीति सीखी है। उन्होंने अपने सिद्धांतों के साथ समझौता नहीं किया। चौधरी चरण सिंह ही देश के पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने संसद में किसानों के हित के मुद्दों पर बहस की थी।
उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को छल्ले वाली गाड़ी (ऑडी) दिलाने की बजाय अच्छी शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार दें। मृत्यु भोज, कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा को जड़ से खत्म करें। किसानों का अब तक बहुत शोषण हुआ है। यदि उन्हें तरक्की करनी है तो जातीय मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा। लड़ने वालों की हर बात सुन ली जाती है। आज किसान को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है। फसल बेचने पर उसे कम भाव मिल रहा है। आढ़ती सहित कुछ सरकारी एजेंसियां मिलकर किसान से कम भाव पर फसल खरीदती हैं। फिर ऐसी फसल के रेट बढ़ जाते हैं।
किसानों के लाभ के लिए बीज, खाद के भाव पर नियंत्रण होना चाहिए। खाद, बीज, कीटनाशक, डीजल के रेट में बढ़ोतरी हो रही है, उस हिसाब से कृषि उत्पादों के भाव नहीं बढ़ते। इससे किसान और गरीब होता जा रहा है। चौधरी चरण सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन का सपना बहुत समय पहले ही देख लिया था।
हरियाणा के लिए 30 साल का रोड मैप तैैयार : कंवरपाल गुर्जर
विधानसभा अध्यक्ष कंवरपाल गुर्जर ने कहा हरियाणा के लिए 30 साल का रोड मैप तैैयार किया है। तीन दशक में हरियाणा को विश्व का नंबर वन स्टेट बनाएंगे। गत तीन सालों की फसल के खराबे के रूप में 2400 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया। किसान की आबादी 70 प्रतिशत है, जबकि अन्य 30 प्रतिशत है। योजनागत 30 प्रतिशत खर्च किसान के विकास के लिए और 70 प्रतिशत विकास अन्य लोगों के लिए किया जा रहा है। युवा पीढ़ी खेती से विमुख होकर सरकारी नौकरियों की ओर दौड़ रही है। खेती को लाभकारी बनाने की जरूरत है। पराली समस्या के समाधान के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है। हरियाणा सरकार ने चावल की पराली का 540 रुपये प्रति क्विंटल भाव तय किया है।
बासमती चावल उत्पादन में हरियाणा पहले स्थान पर : केपी सिंह
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि नई चुनौतियों के दृष्टिगत कृषि वैज्ञानिकों को कुछ नया करने की जरूरत है। हरियाणा देश के कुल क्षेत्रफल का 1.34 प्रतिशत होने के बावजूद केंद्रीय भंडारण में 17 प्रतिशत योगदान दे रहा है। बासमती चावल उत्पादन में यह राज्य पहले स्थान पर, जबकि गेहूं उत्पादन, मछली पालन में दूसरे स्थान पर है। एचएयू ने फसलों की 288 से अधिक किस्में और तकनीक दी हैं। विश्व में क्रॉप लोस दो प्रतिशत है, जबकि भारत में यह 25 प्रतिशत है। किसानों को खेती के लिए 24 घंटे बिजली मुहैया करवाने के लिए अलग से बिजली ग्रिड बनाया जाए।
बेहतर काम करने के लिए इन प्रगतिशील किसानों को मिला सम्मान
अंबाला के राजदीप एवं पम्मी देवी
रेवाड़ी बावल के जय सिंह एवं सुमन
भिवानी के बलबीर सिंह एवं रामभतेरी
फरीदाबाद के अजय कुमार एवं रीना
फतेहाबाद के रघुबीर सिंह एवं रोशनी देवी
झज्जर के प्रवीण जांगड़ा एवं सुमन
जींद के ईश्वर दत्त एवं कमला
कैथल से जय सिंह एवं सविता देवी
करनाल के तेजपाल सिंह एवं चेतना देवी
कुरुक्षेत्र के कुलबीर सिंह एवं निर्मला देवी
नूंह के सुरेंद्र सिंह एवं लक्ष्मी देवी
महेंद्रगढ़ के राकेश एवं बनारसी देवी
पानीपत से राजेंद्र रावल एवं रेशमा
पंचकूला के दीपक कुमार एवं स्वास्तिका सिंह
रोहतक के संदीप मोहन एवं सुशील
हिसार से रोहताश एवं किरण
सिरसा से दर्शन सिंह एवं सुनीता
सोनीपत से रणबीर सिंह एवं सविता
यमुनानगर से सुभाष चंद एवं सीमा रानी
राजनीतिक दस्तावेज का विमोचन...
राज्यपाल ने हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय ने वर्ष 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुना करने का रणनीतिक दस्तावेज का विमोचन किया। इस अवसर पर हरियाणा किसान आयोग के अध्यक्ष डॉ. रमेश यादव एवं सचिव डॉ. आरएस दलाल, अनुसंधान निदेशक डॉ. एसके सहरावत, विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. आरएस हुड्डा आदि उपस्थित थे।