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यशपाल शर्मा ने किया खुलासा चंद्रावल में हीरो का रोल सबसे पहले रामबिलास शर्मा को मिला था

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
संस्कृति सोसायटी फॉर आर्ट एंड कल्चरल डेवलपमेंट एवं चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे द्वितीय हरियाणा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (हिफ-2017) के दूसरे दिन शुक्रवार को एचएयू के इंदिरा गांधी सभागार में मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा पहुंचे। उन्होंने समारोह में दो फिल्में देखीं।
उन्होंने फिल्म के अभिनेता और अभिनेत्री को शुभकामनाएं देते हुए आशीर्वाद दिया। इस मौके पर यशपाल शर्मा ने पब्लिक के सामने नया खुलासा किया। यशपाल शर्मा ने कहा कि चंद्रावल फिल्म में सबसे पहले हीरो के रोल का ऑफर हमारे शिक्षामंत्री के पास आया था, लेकिन व्यस्तता के कारण वे इसे नहीं कर पाए। बाद में जगत जाखड़ को हीरो का रोल दिया गया।
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पंचलेट और मोहम्मद करीम ने बांधे रखा मंत्री और दर्शकों को
प्रेम मोदी द्वारा निर्देशित फिल्म पंचलेट ने उन्हें खासा प्रभावित किया। फिल्म में यशपाल शर्मा ने अच्छा रोल किया है। इसके अतिरिक्त मुख्य नायक करनाल निवासी अमितोष नागपाल एवं नायिका बंगाल निवासी अनुराधा मुखर्जी हैं। इसके अलावा रवि झांकल एवं विजेंद्र काला ने भी फिल्म में किरदार निभाया है। यह फिल्म साहित्यकार फणीश्वर नाथ रेणु की कहानी पर आधारित है। वहीं दूसरी फिल्म आतंकवादियों के पीड़ितों पर आधारित मोहम्मद करीम ने भी खूब तालियां बटोरी।
बच्चे पहुंचे फिल्म देखने
जिले के विभिन्न स्कूलों के बच्चे भी मूवी देखने पहुंचे। राजकीय स्कूल लांधड़ी, ढंढूर एवं अन्य स्कूलों से बच्चों ने मूवी और प्रदर्शनी का आनंद उठाया। चार दिवसीय समारोह में हरियाणा की शान फिल्म स्टार यशपाल शर्मा, डायरेक्टर अश्विनी चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति लोगों में उत्साह बनाए हुए है। मंच संचालन रूपम अहलावत एवं विशाल ने किया। समारोह के निर्देशक धर्मेंद्र डांगी एवं कार्यकारी निर्देशक कंवलजीत मुद्गिल ने मुख्य अतिथि शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा का स्वागत किया।
सिनेमा का अर्थ है : सी और नेमा : अमितोष
सिनेमा का अर्थ समझाते हुए पंचलेट के मुख्य नायक अमितोष ने कहा कि सिनेमा मसलन कि देखो और नेमा का मतलब नाम से है जिसे समझना जरूरी है। किसी फिल्म को अच्छी तरह से समझने के लिए उसे ध्यान से देखना होता है। अमितोष ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वे हरियाणा से हैं। अमितोष बोले- कि उन्हेें नहीं पता था कि एक्टिंग सीखने के लिए भी कोई स्कूल होता है। जब उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के बारे में पता चला तो तुरंत ज्वाइन किया। यशपाल शर्मा के सहयोग से फिल्म पंचलेट में काम मिला। इससे पहले भी करनाल के अमितोष फिल्म दंगल’ और बेशर्म’ में काम कर चुके हैं। नायिका अनुराधा मुखर्जी ने कहा कि उन्हें यह फिल्म करने में बेहद मजा आया। धीरे-धीरे आत्मविश्वास बढ़ा और किरदार के भीतर घुसकर इसमें जान फूंक दी।

आरएसएस ने लगाई पुस्तक प्रदर्शनी
गैलरी में खास तरह की पुस्तक प्रदर्शनी का भी लोगों ने अवलोकन किया। प्रचार विभाग के अरविंद ने पाठकों को देश को समर्पित वीर गाथाओं की प्रेरक प्रसंग वाली पुस्तकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वहीं कलाध्यापक विजेंद्र सिंह ने भी अपनी पेंटिंग्स में हरियाणवी कल्चर को उम्दा तरीके से पेश किया। उनकी पेंटिंग्स ने सकारात्मकता का परिचय दिया।
ये फिल्में दिखाईं
रसियन फिल्म पेचोरियन, भारतीय फिल्म निर्देशक पवन कुमार शर्मा की फिल्म बरीना, भारतीय फिल्म निर्देशक प्रेम मोदी की पंचलेट, निर्देशक पवन कुमार शर्मा की मोहम्मद करीम, ईरान के निर्देशक माजिद सैयद खुशरानी की डाउन फॉल एवं लेबनन फिल्म निर्देशक सिंथिया सर्वणा की मूवी कांग्रेच्युलेशन दिखाई गईं।
ये फिल्में दिखाई जाएंगी आज
सुबह 10 बजे : इटेलियन फिल्म एबरनेट
सुबह 11:25 बजे: भारतीय फिल्म निर्देशक खंजन किशोननाथ की मूवी चोर
दोपहर 1 बजे : अखिलेंद्र मिश्रा एवं टीम द्वारा फिल्म पर चर्चा
दोपहर 3 बजे : भारतीय फिल्म निर्देशक राहुल ढोलकिया की मूवी परजानियां
शाम 5 बजे: निर्देशक राहुल ढोलकिया एवं अश्विनी चौधरी की ओर से मास्टर क्लास ली जाएगी।
शाम 6 बजे: भारतीय फिल्म निर्देशक दानिश इकबाल की साधो
शाम 7 बजे : वरुण चौधरी द्वारा निर्देशित अविची
50 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का चयन किया
फिल्म फेस्टिवल के लिए 33 देशों से 26 भाषाओं में 183 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें 31 फीचर फिल्म, 124 लघु फिल्म, 16 डॉक्यूमेंटरी एवं दो एनिमेशन फिल्में हैं। ज्यूरी द्वारा 50 सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का चयन कर प्रदर्शित किया जाएगा। 10 दिसंबर को समापन के मौके पर सर्वश्रेष्ठ फिल्मों एवं विभिन्न कैटेगिरी में अवॉर्ड प्रदान किए जाएंगे।
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दूसरे दिन भी युवक करने लगे हूटिंग, शर्मा ने आगे बैठाया फिर माने
फिल्म शुरू होते ही कुछ लड़के-लड़कियां हूटिंग करने लगे। बार-बार हूटिंग से परेशान यशपाल शर्मा ने उन्हें समझाया कि फिल्म को गंभीरता से देखो और समझो। उन्होंने पीछे बैठे युवाओं को आगे बुला लिया और आगे की पंक्तियों में उन्हें बैठा दिया, इसके बाद हूटिंग नहीं हुई।
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