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चंडीगढ में सीएम मनोहर लाल से मिले सोसायटी के पदाधिकारियों सहित ब्राह्मण सभा के लोग

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अमर उजाला ब्यूरो
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बरवाला।
क्षेत्र के गांव बनभौरी में बने भ्रामरी माता के मंदिर की देखरेख सरकार द्वारा बनाए गए बोर्ड से करवाने के निर्णय को लेकर गुरुवार को मंदिर सोसायटी के पदाधिकारियों सहित ब्राह्मण सभा के लोग मुख्यमंत्री मनोहर लाल से चंडीगढ़ में मिले। मुख्यमंत्री से मिलने वालों में ब्राह्मण सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रमोद शर्मा, ब्राह्मण सभा के जिला प्रधान डॉ. दयानंद शर्मा, आरक्षण संघर्ष समिति के नेता हरीराम दीक्षित, जय मां बनभौरी मंदिर सोसायटी के अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, स्वामी सूर्यानंद सरस्वती, कई गांवों के सरपंच व समाज के कई गणमान्य लोग शामिल थे। सोसायटी के प्रधान सुरेंद्र कौशिक के बताया कि मुख्यमंत्री से सरकार के निर्णय के संबध में बातचीत की है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बनभौरी मंदिर को पहले की ही तरह ब्राह्मण समाज के लोग ही चलाएंगे। सीएम ने मुलाकात के दौरान आश्वासन दिया है कि जो पुजारी सैकड़ों वर्षों से मंदिर का संचालन करते आ रहे हैं वही लोग भविष्य में भी मंदिर का संचालन करेंगे। सरकार बनभौरी मंदिर की व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर इसकी जिम्मेदारी बोर्ड को देना चाहती है। सीएम ने कहा कि यदि ब्राह्मण समाज के लोग मंदिर का सही ढंग से संचालन कर रहे हैं तो सरकार किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करेगी।
कई राज्यों से आते हैं श्रद्धालु
बनभौरी धाम पर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान तथा अन्य प्रदेशों के श्रद्धालुओं की माता में अटूट श्रद्धा है। मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था के चलते यहां लगने वाले मेले में हजारों मन अनाज, नारियल, चुंदड़ी तथा लाखों रुपये नकद व लोग सोने-चांदी के आभूषण भी चढ़ाते हैं। दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यहां मंदिर के नजदीक ही एक दर्जन से अधिक धर्मशालाओं का निर्माण मां में आस्था रखने वाले लोगों ने करवाया है।
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400 वर्षों से ब्राह्मण कर रहे मंदिर का संचालन
गांव बनभौरी में भ्रामरी माता के मंदिर का संचालन ब्राह्मण समाज के लोग करते आ रहे हैं। 1863 में पंचायत ने मंदिर की जमीन पुजारियों को दे दी थी। कुल 7 कनाल 2 मरले जमीन में मंदिर बना हुआ है। सन 1893 में तत्कालीन लाहौर कोर्ट से इस जमीन की डिग्री पुजारी परिवार के नाम हुई थी। इसके बाद से ही दो दर्जन से अधिक पुजारियों के परिवार मंदिर की देख रेख करते आ रहे हैं।
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देर शाम तक नहीं हुई गांव में पंचायत
मंदिर को सरकार द्वारा अपने हाथों में लिए जाने के निर्णय को लेकर गांव बनभौरी में सरपंच सतबीर चाहर ने वीरवार को बैठक करने का निर्णय लिया था। समाचार लिखे जाने तक गांव में किसी तरह की कोई बैठक नहीं हुई। हालांकि सरपंच देर शाम तक कहते रहे कि मंदिर को लेकर बैठक बुलाई गई है। बैठक में आगामी रणनीति बनाई जाएगी।

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