अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने को लेकर एजेंसी जल्द ही जीएलएफ की 32 एकड़ जमीन का निरीक्षण करने पहुंचेगी। टीम मौका देखने के बाद यह तय करेगी कि यहां कौन सा प्रोजेक्ट लगाया जाएगा। मुख्यालय ने इस प्रोजेक्ट के लिए वीरवार को पहली किस्त के सात करोड़ रुपये निगम को जारी किए हैं। सॉलिड वेस्ट प्लांट में कचरा प्रोसेस होने में कम से कम एक साल का समय लगेगा।
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट को लेकर वीरवार को नगर निगम के अधीक्षक अभियंता रामजीलाल ने मुख्यालय में रिपोर्ट दी। निगम के लिए प्लांट का सर्वे करने वाली एजेंसी अगले महीने हिसार आएगी। नगर निगम एरिया में हर रोज करीब 130 टन के करीब कचरा निकल रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत निगम ने 2013 में सर्वे करवाया था। शहर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग निकाला गया था। शहर में कुल कचरा उस समय 110 टन के आसपास था। निगम अधिकारियों का कहना है कि अब अंदाजा है कि शहर में 130 टन के आसपास कचरा निकल रहा है।
बिजली बनाने के लिए कम पड़ रहा था कचरा
सर्वे करने वाली एजेंसी ने उस समय जो रिपोर्ट दी थी कि इतने कचरे में बिजली बनाने का प्रोजेक्ट कामयाब नहीं हो पाएगा। इसको लेकर उन्होंने यह भी कहा था कि आसपास के छोटे शहरों का कचरा अगर यहां प्लांट में लाया जा सके तो यह कामयाब हो सकता है। डीपीआर तैयार कर रही कंपनी ने ये सर्वे निगम को सौंप दिया था।
32 एकड़ चार कनाल जमीन की जा चुकी निर्धारित
सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जीएलएफ से 32 एकड़ चार कनाल जमीन निर्धारित की जा चुकी है। जीएलएफ ने इसको लेकर 35 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से रेट निर्धारित किया था। यह जमीन ढंढूर प्लांट से करीब चार किलोमीटर आगे गांव ठसका के पास है। यह जीएलएफ की जमीन है।
ढंढूर प्लांट का लगातार विरोध
ढंढूर के पास स्थित मौजूदा कचरा प्लांट को लेकर विरोध जारी है। गांव के लोगों ने इसके लिए आंदोलन किया था। बार-बार वे इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यहां कचरा प्लांट होने से उन्हें बदबू आ रही है। साथ ही हाईवे के साथ होने से पशु रोड पर आ रहे हैं। इसके कारण हादसे हो रहे हैं। इसके अलावा यहां हर रोज प्लांट में आग लग रही है। इसके कारण वातावरण भी प्रदूषित हो रहा है।
2014 में था चुनावी मुद्दा था
ढंढूर के डंपिंग स्टेेशन को लेकर गांव के लोगों ने 2014 में विधानसभा चुनाव से पहले इसे मुद्दा बनाया था। गांव के लोग इस मुद्दे को लेकर धरने पर बैठे थे।
सीएम की अधूरी घोषणा
सीएम मनोहर लाल ने 29 दिसंबर 2014 को हिसार में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने का एलान किया था। दो साल 11 महीने में अब तक निगम को जमीन ही ट्रांसफर हो सकी है। सॉलिड वेस्ट प्लांट को तैयार करने में कम से कम 12 से 18 महीने का समय लगेगा। अभी सर्वे किया जा रहा है। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार होगी। फिर टेंडर जारी किया जाएगा। इसके बाद कंपनी को मशीनरी स्थापित करने में भी समय लगेगा।
मुख्यालय में बातचीत चल रही है। जल्द ही एजेंसी यहां जमीन देखने के लिए आएगी। इसके बाद ही प्रोजेक्ट तय होगा कि आखिर किस तरह का प्लांट लगेगा। - रामजीलाल, एसई नगर निगम
7 करोड़ आए, 16 करोड़ का इंतजार
निगम के खाते में वीरवार को मुख्यालय से इस प्रोजेक्ट के लिए सात करोड़ की राशि भी ट्रांसफर कर दी। इसके अलावा बाकी 16 करोड़ की राशि शुक्रवार को निगम के खाते में आ जाएगी। निगम यह राशि राजकीय पशुधन फार्म को भेजेगा।