अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
चीनी दूतावास की गाड़ी लेकर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर की मीटिंग में पहुंचे कांग्रेसी नेता के लिए हिसार पुलिस का सिरदर्द बन गई। पुलिस ने कांग्रेसी नेता की गाड़ी इंपाउंड कर ली है। खुद को आईटी सेल के उपाध्यक्ष बताने वाले नेता के पास न तो गाड़ी की कोई आरसी थी और न ही कोई लीगल कागजात। ये नेता दो साल से दिल्ली से लेकर देश भर में इस गाड़ी को चलाते रहे, लेकिन इसको आज तक किसी ने नहीं रोका।
सेक्टर-15 मोड़ के पास एक रेस्तरां में कांग्रेस पदाधिकारियों की मीटिंग थी। खुद कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर मीटिंग ले रहे थे। मीटिंग पर पुलिस के खुफिया तंत्र की निगाह थी। रेस्तरां के बाहर काफी गाड़ियां खड़ी थीं। पुलिस की एक टीम ने वहां पहुंचकर सफेद रंग की निशान एडवैगन कार को चीनी दूतावास की बताकर गाड़ी के मालिक के बारे में पूछना शुरू कर दिया। वहां चीनी दूतावास की गाड़ी खड़ी होने की बात सुनकर लोगों में खलबली मच गई। यह बात मीटिंग में कांग्रेस पदाधिकारियों को पता चली तो कुछ बाहर निकले। रोहतक के अभिमन्यु ने पुलिस को गाड़ी अपनी बताई।
विक्रेता ने चीनी दूतावास से ली थी गाड़ी
रोहतक के अभिमन्यु जांगड़ा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह बीए, एलएलबी हैं और पहले दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में वकालत करते थे। उन्होंने वकालत छोड़कर बहादुरगढ़ में प्रॉपर्टी का काम शुरू किया था। वह 2003 से कांग्रेस के वर्कर हैं। वह रोहतक जिला कांग्रेस और युवा कांग्रेस के प्रवक्ता रह चुुके हैं। फिलहाल कांग्रेस आईटी सेल के उपाध्यक्ष हैं। जांगड़ा ने पुलिस को बताया कि उन्होंने दिल्ली के लाजपत नगर निवासी दोस्त सुरेंद्र सेठी से यह कार 2.25 लाख रुपये में खरीदी थी। सुरेंद्र ने यह गाड़ी चीनी दूतावास से ली थी। उसने सुरेंद्र से गाड़ी लेते समय कोई कागजात नहीं लिया था। मैंने गाड़ी की आरसी तैयार कराने के लिए सुरेंद्र से चीनी दूतावास से एनओसी लाने के लिए बोला था, लेकिन किन्हीं कारणों से उसने दूतावास से एनओसी लाकर नहीं दी। वह यह गाड़ी लेकर दिल्ली, बहादुरगढ़, रोहतक, झज्जर, सोनीपत और अन्य शहरों में आता-जाता रहा है।
ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर कार इंपाउंड की है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पूछताछ की जरूरत पड़ने पर कार मालिक को आना होगा।
-मनदीप सांगवान, एसएचओ सिविल लाइन हिसार