अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। सेक्टर 16-17 के कम्यूनिटी सेंटर में सेक्टरवासियों द्वारा बुधवार को दिन में रोकी गईं गायों को पशुपालक रात को ही सेंटर का ताला तोड़कर निकाल ले गए। आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों ने निगम प्रशासन से चौकीदार की भी मांग की। मगर उन्हें चौकीदार नहीं मिला। आखिरकार पदाधिकारी गेट पर ताला जड़कर घर चले गए। रात में पशुपालक कम्यूनिटी सेंटर पहुंचे और मेन गेट के साथ लगते छोटे गेट की ईंट निकालकर कुंडी खोल ली। इसके बाद सारी गायों को निकाल ले गए। सुबह सेक्टरवासी कम्यूनिटी सेंटर आए तो उन्हें ताला टूटा मिला। इसकी सूचना उन्होंने निगम अधिकारियों और सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। इस पर निगम के वीएलडीए डॉ. सतबीर और थाने से दो पुलिसकर्मी कम्यूनिटी सेंटर पहुंचे और सेक्टरवासियों से मामले की जानकारी ली।
पदाधिकारी बोले- 15 फरवरी तक पशु नहीं पकड़े तो निगम कार्यालय में ले जाएंगे
वीरवार सुबह सेक्टर 16-17 आरडब्ल्यूए प्रधान जितेंद्र श्योराण ने अन्य सेक्टर एसोसिएशन को भी कम्यूनिटी सेंटर में बुलाया। सभी पदाधिकारियों ने एकजुट होकर निगम प्रशासन को 15 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया। जितेंद्र श्योराण, सेक्टर 9-11 के प्रधान प्रवीण जैन, पीएलए प्रधान सतपाल ठाकुर, अर्बन एस्टेट प्रधान रामनिवास गोयल व सेक्टर-13 के प्रधान अमरलाल बूरा ने चेतावनी दी कि अगर 15 फरवरी तक सेक्टरों से लावारिस पशुओं को नहीं पकड़ा गया तो 16 फरवरी को सेक्टरवासी खुद पशु पकड़कर उन्हें नगर निगम कार्यालय में छोड़ने जाएंगे।
मौके पर आए वीएलडीए को सुनाई खरी-खोटी
सेक्टरवासियों ने निगम के वीएलडीए डॉ. सतबीर को खूब खरी-खरी सुनाई। सेक्टरवासियों के किसी भी सवाल का वीएलडीए ढंग से जवाब नहीं दे पाए। जब वीएलडीए से पूछा कि रात में इकट्ठे किए पशुओं की रखवाली के लिए कर्मचारी क्यों नहीं छोड़ा तो उन्होंने जवाब दिया कि सेक्टरवासियों को चौकीदार छोड़ना चाहिए था। इस पर सेक्टरवासी गुस्सा गए। उन्होंने वीएलडीए से कहा कि पशु पकड़ने का काम नगर निगम का है। सेक्टरवासी खुद इस काम को कर रहे हैं और निगम के पास इतनी भी व्यवस्था नहीं है कि वह पकड़े गए पशुओं को गोशाला पहुंचा सके।
पार्षद भूपसिंह रोहिला बोले, एक आदमी के पास 300 गाय
उधर, पार्षदों और मेयर के बीच हुई बैठक में भी लावारिस पशुओं का मुद्दा उठा। इस दौरान वार्ड नंबर आठ के पार्षद भूपसिंह रोहिला ने कहा कि एक आदमी के पास 300-300 गाय हैं। गायों का सुबह-शाम दूध निकालने के बाद दिन और रात को सड़कों पर खुला छोड़ दिया जाता है। वार्ड नंबर छह के पार्षद उमेद खन्ना ने भी रोहिला की बात का समर्थन किया।
लावारिस पशुओं से शहर को निजात दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ठेकेदार को सिक्योरिटी भी उपलब्ध करवा दी गई है। गौ अभयारण्य का काम जल्द पूरा करवाकर वहां पशु छोड़े जाएंगे। गोशालाओं से भी बात हो गई है। कुछ गाय वहां रखवाई जाएंगी। थोड़ा समय जरूर लगेगा, लेकिन इस समस्या का उचित समाधान करवाएंगे।
-गौतम सरदाना, मेयर, नगर निगम